शेयर बाजार में आज सुबह कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको चौंका दिया. अडानी एंटरप्राइजेस लिमिटेड (AEL) ने जैसे ही अपने ‘नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर’ (NCD) को खोला, निवेशकों ने उसे हाथों-हाथ लिया. आलम यह था कि कंपनी का 1,000 करोड़ रुपये का यह पब्लिक इश्यू खुलने के महज 45 मिनट के भीतर ही पूरी तरह भर गया.
निवेशकों का भरोसा
मंगलवार सुबह जब मार्केट खुला, तो किसी ने सोचा नहीं था कि रफ्तार इतनी तेज होगी. पहले 500 करोड़ रुपये का बेस इश्यू तो सिर्फ 10 मिनट में ही सब्सक्राइब हो गया. इसके बाद ‘ग्रीन-शू’ विकल्प (अतिरिक्त पैसा रखने की सुविधा) के साथ कुल 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने में एक घंटा भी नहीं लगा. वैसे तो यह इश्यू 19 जनवरी तक खुला रहना था, लेकिन जिस तरह से ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर निवेशकों ने पैसा लगाया है, उससे साफ है कि लोगों को अडानी समूह पर पूरा भरोसा है.
बैंक FD से बेहतर कमाई का मौका?
आखिर लोग इस निवेश के पीछे इतने दीवाने क्यों हैं? इसकी सबसे बड़ी वजह है इससे मिलने वाला रिटर्न. कंपनी इस पर सालाना 8.90% तक का प्रभावी मुनाफा (Yield) दे रही है. अगर आप इसकी तुलना बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या इसी रेटिंग वाली दूसरी स्कीमों से करें, तो यह काफी आकर्षक लगता है. ICRA और CARE जैसी रेटिंग एजेंसियों ने इसे ‘AA-‘ स्टेबल रेटिंग दी है, यानी इसमें जोखिम कम और मजबूती ज्यादा मानी जा रही है.
निवेशकों के लिए इसमें 24, 36 और 60 महीनों के विकल्प दिए गए हैं. साथ ही, ब्याज पाने के भी कई तरीके हैं चाहे आप हर तीन महीने में पैसा लें, साल भर में या फिर मैच्योरिटी पर एक साथ.
कहाँ खर्च होगा आपका पैसा?
कंपनी ने साफ किया है कि इस निवेश से जुटने वाली रकम का कम से कम 75% हिस्सा पुराना कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा. बाकी बचा पैसा कंपनी के कामकाज और विस्तार में लगाया जाएगा. याद दिला दें कि पिछले साल जुलाई में भी अडानी का ऐसा ही एक इश्यू आया था, जो सिर्फ 3 घंटे में भर गया था. इस बार तो कंपनी ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
जमीन पर दिख रहा है काम का असर
अडानी एंटरप्राइजेस की इस सफलता के पीछे उनके प्रोजेक्ट्स की रफ्तार भी एक बड़ी वजह है. पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने कई बड़े काम समय पर पूरे किए हैं:
- नवी मुंबई एयरपोर्ट: जिसका उद्घाटन 8 अक्टूबर 2025 को हुआ था, अब वहां से विमानों की आवाजाही (25 दिसंबर से) शुरू हो चुकी है.
- गूगल के साथ पार्टनरशिप: विशाखापत्तनम में भारत का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर बनाने के लिए गूगल और अडानी हाथ मिला चुके हैं.
- सड़कों का जाल: कंपनी लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर में पैर पसार रही है. हाल ही में उसे उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच रोपवे बनाने और बिहार में दो बड़ी सड़कों का ठेका मिला है.
कुल मिलाकर, मार्केट के जानकारों का कहना है कि आम निवेशक अब सीधे तौर पर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का हिस्सा बनना चाहता है और अडानी के ये NCDs उन्हें वही मौका दे रहे हैं.
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