Delhi Turkman Gate Violence: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए हंगामे और पत्थरबाजी के बाद पुलिस फुल एक्शन मोड में आ गई है. बीती रात MCD द्वारा फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास चलाए गए अभियान के विरोध में भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव किया. इस घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद इलाके में कल रात MCD की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. इसी दौरान कुछ लोगों ने टीम का विरोध किया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई. भीड़ ने पुलिस और निगम की टीम पर पथराव (Stone Pelting at Turkman Gate Delhi) शुरू कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की.
सख्त धाराओं में FIR (Delhi Police FIR)
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और अब तक 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है. पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, जिसमें 4 से 5 संदिग्धों के चेहरे साफ हो चुके हैं. पुलिस ने नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की बेहद सख्त धाराओं और PDPP एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है, ताकि सरकारी काम में बाधा डालने वालों को कड़ा सबक सिखाया जा सके.
किन-किन धाराओं में होगी एक्शन?
पुलिस ने उपद्रवियों पर शिकंजा कसने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं लगाई हैं. इसके साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पर पुलिस ने ‘सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984’ (PDPP Act) की धारा 3 भी लगाई है.
- धारा 221 (लोक सेवक को रोकना): सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने पर 5 साल की जेल या जुर्माना.
- धारा 132 (हमला या बल प्रयोग): ड्यूटी पर तैनात अधिकारी पर हमला करने पर 2 साल तक की जेल.
- धारा 121 (गंभीर नुकसान की मंशा): सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने की नीयत रखने पर 3 महीने की जेल और जुर्माना.
- धारा 191(2) व 191(3) (झूठी जानकारी): जांच को गुमराह करने या झूठी जानकारी देने पर 2 से 5 साल तक की सजा.
- धारा 223(A) (गैरकानूनी जमावड़ा): हिंसा के लिए भीड़ इकट्ठा करने पर 3 महीने की सजा.
- धारा 3(5) (सामूहिक अपराध): भीड़ द्वारा किए गए अपराध में हर व्यक्ति को बराबर का जिम्मेदार माना जाएगा.
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उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा (Delhi Violence News)
यदि कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति (जैसे पुलिस वाहन, MCD की मशीनरी) को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे 6 महीने से लेकर 10 साल तक की जेल हो सकती है. यह धारा उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए बेहद अहम है. दिल्ली पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. नई BNS धाराओं का प्रयोग यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को सख्त सजा मिले.
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