दिल्ली हाई कोर्ट ने रेलवे स्टेशनों पर भगदड़ रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और रेलवे के ढीले रवैये पर नाराजगी जाहिर की है. जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने यह याचिका फरवरी 2025 में दायर की गई थी, लेकिन अभी तक जवाब दाखिल नही की गई है. जबकि केंद्र सरकार और रेलवे से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा गया था. कोर्ट अगले महीने इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा था कि जब एक कोच में सीमित संख्या में यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है, तो उससे अधिक टिकट क्यों बेचे जाते है. इससे पहले दायर अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है, इसपर अधिकारियों को विचार करने की जरूरत है? हाई कोर्ट ने रेलवे एक्ट को पूरी तरह लागू करने के आदेश दिया था. प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई है.
बिहार के कई यात्री हादसे के शिकार
इनमें से पांच लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हुई है. इनमें एक पुरुष और चार महिलाएं शामिल है. मृतकों में12 महिलाएं शामिल हैं, तो 4 बच्चों को भी जान चली गई. भगदड़ में मारे गए बच्चों की उम्र 7 साल से लेकर 15 साल तक की है. 18 मृतकों में से 9 की पहचान बिहार के रहने वाले हैं. बक्सर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और पटना के कई लोगों ने हादसे में अपनी जान गंवा दी है. जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो गए है.
हादसा प्लेटफार्म नंबर 13, 14 और 15 के बीच हुआ. महाकुंभ जाने के लिए स्टेशन पर शाम 4 बजे से भीड़ जुटने लगी थी. रात को करीब 8:30बजे प्रयागराज जाने वाली 3 ट्रेनें लेट हो गई, जिससे भीड़ बढ़ी. चश्मदीद के मुताबिक गाड़ी का प्लेटफार्म नंबर 14 से 16 नंबर बदला गया. जिसके चलते भगदड़ हो गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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