आज यानी 12 जनवरी को पूरे विश्व को धर्म, मानवता और कर्म का सच्चा अर्थ समझाने वाले स्वामी विवेकानंद की जयंती है. इस दिन को देश राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है. इस खास अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी.
‘विकसित भारत’ को मिलेगी नई गति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विवेकानंद की जयंती पर अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से देश को बधाई दी. उन्होंने इस खास अवसर पर बधाई देते हुए अपनी पोस्ट में लिखा, ‘ स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन तथा समस्त देशवासियों को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं.’
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन तथा समस्त देशवासियों को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन व अध्यात्म से देश के युवाओं को जोड़ने और इसकी व्याप्ति विश्व मंचों तक पहुँचाने वाले स्वामी विवेकानंद जी ने रामकृष्ण मिशन के… pic.twitter.com/O3uC7Mvedx
— Amit Shah (@AmitShah) January 12, 2026
अमित शाह ने आगे लिखा, ‘भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन व अध्यात्म से देश के युवाओं को जोड़ने और इसकी व्याप्ति विश्व मंचों तक पहुंचाने वाले स्वामी विवेकानंद जी ने रामकृष्ण मिशन के माध्यम से समाज सेवा के भी आदर्श स्थापित किए.’
अमित शाह ने अपने पोस्ट के जरिए ये भी कहा कि लक्ष्य प्राप्ति से पहले नहीं रुकने का संदेश देने वाले स्वामी जी के विचार युवाओं में कर्तव्यबोध और राष्ट्र प्रेम का भाव जागृत कर विकसित भारत के निर्माण को गति दे रहे हैं.
युवा साथियों के लिए नई शक्ति व आत्मविश्वास
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा की उनका व्यक्तित्व और कृतित्व विकसित भारत के संकल्प में निरंतर नई ऊर्जा का संचार करने वाला है.
पीएम मोदी ने कामना करते हुए ये भी कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस का यह दिव्य अवसर सभी देशवासियों, विशेषकर हमारे युवा साथियों के लिए नई शक्ति और नया आत्मविश्वास लेकर आए.
युवा दिवस के उपलक्ष्य में क्यों मनाया जाती है जयंती?
स्वामी विवेकानंद भारत के महान आध्यात्मिक गुरु और दार्शनिक थे, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और वेदांत के गौरव को पूरी दुनिया में फैलाया. 12 जनवरी 1863 को जन्मे नरेंद्रनाथ दत्त (विवेकानंद) स्वामी रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे और उन्होंने ही ‘रामकृष्ण मिशन’ की स्थापना की थी.
स्वामी विवेकानंद को विशेष रूप से 1893 के शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण (Chicago Speech) के लिए जाना जाता है, जहां उन्होंने दुनिया को भारतीय अध्यात्म से परिचित कराया. मात्र 39 वर्ष की आयु में निधन के बावजूद, उनके ओजस्वी विचार आज भी करोड़ों युवाओं के लिए आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं. इसी के उपलक्ष्य में उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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