भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के सफर में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. अब तक अपनी तेज रफ्तार और चेयरकार सुविधाओं के लिए मशहूर वंदे भारत अब स्लीपर अवतार में लंबी दूरी तय करने के लिए तैयार है. यह ट्रेन न केवल यात्रा के समय को कम करेगी, बल्कि यात्रियों को हवाई जहाज जैसा विश्व स्तरीय अनुभव और घर जैसा सुकून भी प्रदान करेगी.
आधुनिक तकनीक और बेहतरीन सुविधा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पूरी तरह आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसके इंटीरियर को भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन दिया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा. बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबा सफर भी थकाने वाला न लगे.
सुरक्षा के मामले में भी यह ट्रेन काफी एडवांस है. इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है और हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करता है. इसके अलावा, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी दी गई है, जिससे किसी भी परेशानी की स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ से बात कर सकेंगे. ड्राइवर के केबिन में भी आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं.
कोच में यूवीसी तकनीक
स्वच्छता और हेल्थ को लेकर वंदे भारत स्लीपर में खास इंतजाम किए गए हैं. इसमें डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, कोच में यूवीसी तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती है. यह सिस्टम कोच की हवा को फिल्टर करके साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है. यानी अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम हो, तो भी बाकी यात्रियों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होगी.
180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति
ट्रेन का बाहरी लुक भी काफी आधुनिक और एयरोडायनामिक होगा. इसका फायदा यह होगा कि ट्रेन ज्यादा स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत भी कम होगी. इसके दरवाजे ऑटोमैटिक होंगे, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे.
अगर रफ्तार की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. इस ट्रेन में यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं भी मिलेंगी. सफर के दौरान हाई क्वालिटी कंबल, कवर और एडवांस्ड बेडरोल दिए जाएंगे. साथ ही यात्रियों के लिए कैटरिंग सर्विस भी उपलब्ध होगी, जिससे खाने-पीने की सुविधा रहेगी.
ट्रेन में कुल कितने कोच?
आराम का खास ध्यान रखते हुए ट्रेन में बेहतर कुशनिंग वाली एर्गोनोमिक बर्थ लगाई गई हैं और शोर कम करने की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि रात की यात्रा शांत और सुकून भरी हो. सभी ऑनबोर्ड स्टाफ तय यूनिफॉर्म में मौजूद रहेंगे, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके.
इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा. किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा हो सकता है. गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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