दिल्ली हाईकोर्ट से आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े को आर्यन खान के नेटफ्लिक्स शो ‘बस्टर्डस ऑफ बॉलीवुड’ के खिलाफ दायर मानहानि मुकदमा को मुंबई कोर्ट में ले जाने की अनुमति दे दी है. जस्टिस विकास महाजन ने यह अनुमति दी है.
मामले की सुनवाई के दौरान समीर वानखेड़े की ओर से पेश वकील कुणाल वत्स ने कोर्ट को 29 जनवरी को दिए गए फैसले के बारे में जानकारी दी, जिसमें जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव ने उनकी याचिका को सुनवाई योग्य नही माना था. इसलिए वानखेड़े ने सिविल प्रोसीजर कोर्ट के ऑर्डर VII रूल 10 A के तहत मुंबई के सिटी सिविल कोर्ट ने मामले को ले जाने के लिए अर्जी दाखिल की है. कोर्ट ने अर्जी को मंजूर करते हुए दोनों पक्षों को 12 फरवरी को मुंबई सिविल कोर्ट में पेश होने को कहा है.
रेड चिलीज इंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स को बनाया गया पक्षकार
जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने अपने फैसले में कहा था कि यह याचिका सुनवाई योग्य नही है. क्योंकि इस याचिका पर सुनवाई यहां नही होना चाहिए, कही और होना चाहिए. फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के खिलाफ यह मानहानि का याचिका दायर किया गया था. वानखेड़े ने वेब सीरीज ‘द बैंड्स ऑफ बॉलीवुड’ में उनके दिखाए गए कैरेक्टर को लेकर दायर किया था.
मामले की सुनवाई के दौरान वानखेड़े की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संदीप सेठी ने कोर्ट को बताया था कि सीरीज में सोशल मीडिया पर उनके, उनकी पत्नी और बहन के खिलाफ ट्रोलिंग की जा रही है. उन्होंने कहा था कि यह पोस्ट मानहानिकारक हैं. कोर्ट ने कहा था कि तय प्रकिया का पालन होना चाहिए.
कोर्ट में मामला लंबित
दायर मानहानि याचिका में शाहरुख खान और गौरी खान की स्वामित्व वाली कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, नेटफ्लिक्स सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया था. वानखेड़े ने दायर मानहानि याचिका में आरोप लगाया था कि नेटफ्लिक्स पर प्रसारित वेब सीरीज Bads of Bollywood में उनके खिलाफ झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप लगाए गए हैं. उनका कहना था कि इस सीरीज के जरिए ड्रग्स से जुड़ी जांच एजेंसियों को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है. जिससे आम आदमी का भरोसा कानून व्यवस्था से और जांच एजेंसियों पर से उठ सकता है.
उन्होंने यह भी कहा था कि यह सीरीज खास तौर पर उनकी छवि धूमिल करने के लिए बनाई गई है. जबकि आर्यन खान के कही खिलाफ ड्रग्स केस से संबंधित मामला बॉम्बे हाईकोर्ट और निचली अदालत में लंबित है.
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-भारत एक्सप्रेस
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