Bharat Express DD Free Dish

‘उदयपुर फाइल्स’ के बाद अमित जानी की एक और फिल्म पर बवाल, पोस्टर के किरदारों ने सोशल मीडिया पर छेड़ी जंग

फिल्ममेकर अमित जानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उनकी फिल्म ‘कल्कि संभल’ के पोस्टर में ‘अब्बाजान’ और ‘भाईजान’ किरदारों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है. फिल्म 1978 और 2024 की संभल हिंसा की घटनाओं को पर्दे पर उतारने का दावा करती है.

Kalki Sambhal Movie Controversy, Bollywood

Kalki Sambhal Movie Controversy: उदयपुर फाइल्स जैसी चर्चित और विवादित फिल्म बनाने वाले मेकर अमित जानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार भी वे अपनी एक नई आने वाली फिल्म के लिए विवादों में हैं जिसका नाम है ‘कल्कि संभल’. सोशल मीडिया पर उनकी इस फिल्म को लेकर बहस छिड़ी हुई है. लोग 2 पक्षों में बटें हुए हैं और बयानबाजी का दौर जारी है. आखिर क्या है पूरा मामला चलिए आपको बताते हैं.

पोस्टर रिलीज होते ही मचा हंगामा

दरअसल, जब से इस फिल्म का पोस्टर जारी हुआ है तभी से ये फिल्म सुर्खियों में है. इसके पोस्टर में दो मुख्य किरदार हैं, एक अब्बाजन और एक भाईजान. दोनों ही किरदारों को जिस तरह से पेश किया गया है, उसने विवाद में घी डालने का काम कर दिया है. इन किरादारों के नाम और छवि को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बवाल मच रहा है.

क्या है फिल्म की कहानी?

अमित जानी की यह फिल्म उत्तर प्रदेश के संभल जिले के इतिहास और वर्तमान की कड़वी यादों को समेटे हुए है. फिल्म की पटकथा मुख्य रूप से दो बड़े घटनाक्रमों पर आधारित है.

1978 के दंगे- फिल्म में दशकों पुराने संभल के उन दंगों को दिखाया गया है जिसने उस वक्त पूरे देश को हिलाकर रख दिया था.

2024 का सर्वे विवाद- फिल्म में हाल ही में 24 नवंबर 2024 को संभल की जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा और बवाल को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है.

दिग्गज कलाकार निभा रहे हैं अहम भूमिका

फिल्म की स्टार कास्ट काफी मजबूत नजर आ रही है. दिग्गज अभिनेता महेश मांजरेकर इसमें ‘अब्बाजान’ का किरदार निभा रहे हैं, जिसका सीधा संबंध 1978 के दंगों वाली कहानी से है. वहीं, अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए मशहूर विजय राज ‘भाईजान’ की भूमिका में नजर आएंगे. उनका किरदार 2024 के हालिया घटनाक्रमों और तनाव के इर्द-गिर्द बुना गया है.

ये भी पढ़ें- रणवीर सिंह के ‘शाही नखरे’ या सुपरस्टार वाला स्वैग? ‘धुरंधर’ के क्रेडिट सीन ने खोल दिया एक्टर का राज़

अमित जानी का पक्ष- “सच्चाई दिखाना ही मकसद”

विवादों के बीच अमित जानी का कहना है कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि हिंदुओं पर हुए कथित अत्याचारों की वास्तविकता को दुनिया के सामने लाना है. उनका दावा है कि फिल्म उन राजनीतिक और सामाजिक ताकतों का भी पर्दाफाश करेगी जो इन दंगों के पीछे जिम्मेदार रही हैं.

सोशल मीडिया पर जहां एक पक्ष इसे ‘प्रोपेगेंडा’ बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे ‘साहसिक सिनेमा’ करार दे रहा है. अब देखना यह होगा कि फिल्म के ट्रेलर और रिलीज के बाद यह विवाद और कितना गहराता है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read