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मां ने 20 रुपये मांगे… बेटे ने दिया 30 रुपये और रोते-रोते घर से निकला, सुबह जंगल में नीम के पेड़ से लटका मिला शव

संभल के धनारी इलाके में 18 वर्षीय मजदूर भूपेंद्र की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है. मां को आखिरी बार 30 रुपये देकर रोते हुए घर से निकला भूपेंद्र अगली सुबह जंगल में नीम के पेड़ से लटका मिला.

रिपोर्ट- अंसार मलिक, संभल


संभल के धनारी इलाके से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है. गढ़ा गांव में मंगलवार की सुबह तब चीख-पुकार मच गई, जब गांव के बाहर जंगल में एक 18 साल के युवक का शव नीम के पेड़ से लटका मिला. मृतक की पहचान भूपेंद्र के रूप में हुई है. भूपेंद्र हरियाणा में मजदूरी करके अपने घर का खर्च चला रहा था, लेकिन किसे पता था कि परिवार का ये सहारा इतनी जल्दी टूट जाएगा.

इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा भावुक करने वाली बात वो रही जो भूपेंद्र की मां जयमंती ने बताई. सोमवार शाम को जब भूपेंद्र अपनी मौसी के घर से लौटा, तो मां ने उससे किसी काम के लिए 20 रुपये मांगे थे. भूपेंद्र ने अपनी जेब से 30 रुपये निकालकर मां की हथेली पर रख दिए. पैसे देते वक्त उसकी आंखों से आंसू छलक आए और वह फफक कर रोने लगा.

परेशान मां ने पूछा कि “बेटा क्या बात है? किसी ने कुछ कहा क्या?”, लेकिन भूपेंद्र ने चुप्पी साधे रखी. उसने बस इतना कहा कि वह खाना खाकर आया है, अपना थैला घर में रखा और बाहर निकल गया. उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपनी मां से आखिरी बार मिल रहा है.

मां का आखिरी सहारा था भूपेंद्र

भूपेंद्र की जिंदगी पहले से ही संघर्षों से भरी थी. करीब 10 साल पहले उसके सिर से पिता का साया उठ गया था. उसके पिता जमुना सिंह की मौत भी जंगल में मवेशी चराते वक्त बिजली का करंट लगने से हुई थी. चार भाइयों में भूपेंद्र अपनी बूढ़ी मां का बड़ा सहारा था. वह करीब 15 दिन पहले ही हरियाणा से मजदूरी करके गांव लौटा था. बीच में मौसा के निधन की खबर मिलने पर वह बदायूं गया हुआ था और सोमवार को ही वहां से वापस आया था.

नीम के पेड़ से लटका मिला शव

सोमवार शाम को घर से निकलने के बाद जब भूपेंद्र देर रात तक वापस नहीं आया, तो घरवाले घबरा गए. पूरी रात उसकी खोजबीन की गई, लेकिन कहीं सुराग नहीं मिला. मंगलवार सुबह करीब 9 बजे ग्रामीणों ने जंगल में नीम के पेड़ से लटका हुआ शव देखा. जब परिजनों ने मौके पर जाकर देखा तो उनका होश उड़ गया. सामने भूपेंद्र का शव था.

पुलिस कार्रवाई से इनकार

आखिर हंसते-खेलते और मेहनत मजदूरी करने वाले एक जवान लड़के ने ऐसा कदम क्यों उठाया? यह सवाल अब भी रहस्य बना हुआ है. मृतक के भाई बहादुर का कहना है कि भूपेंद्र की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही घर में कोई झगड़ा हुआ था. गमगीन परिवार ने पुलिस को इस मामले में कोई भी कानूनी कार्रवाई करने या पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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