Swami Chaitanyanand News: लड़कियों से यौन शोषण के मामले में तिहाड़ जेल में बंद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को पटियाला हाउस कोर्ट से राहत मिल गई है. जुडिशियल मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार ने गाड़ी पर डिप्लोमेटिक फर्जी नंबर प्लेट मामले में जमानत दे दिया है. लेकिन उसके बावजूद व्व जेल से बाहर नहीं आएगा. क्योंकि लड़कियों से यौन शोषण के मामले में वह तिहाड़ जेल में बंद है. कोर्ट ने 20 जनवरी को यह फैसला सुनाया है.
जांच में लापरवाही बरतने पर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने चार्जशीट बहुत ही कैजुअल तरीके से दाखिल की है. कोर्ट ने जमानत देते हुए यह भी कहा कि जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जो यह साबित करे कि स्वामी ने खुद नंबर प्लेट जारी बनाई थी.
ड्राइवर की गाड़ी को संदिग्ध नहीं माना
हैरानी की बात यह है कि स्वामी का ड्राइवर, जो गाड़ी पर ये नकली प्लेट लगता था, उसे पुलिस ने संदिग्ध भी नहीं माना. जांच में यह भी जांच नहीं की गई कि फर्जी नंबर प्लेट कहां से आई. और न ही साबित किया गया कि स्वामी ने उस कार का इस्तेमाल किया.
बता दें कि चैतन्यानंद फर्जी डिप्लोमैट नंबर का इस्तेमाल करता था और लाल बत्ती में बार-बार प्लेट बदलता रहता था. सभी नंबर में यूएन लिखा रहता था. दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद सहित पांच लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया हैं. 1077 पन्नों की चार्जशीट में 43 गवाह है.
पुलिस की जांच में क्या आया सामने?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने पर सामने आया साक्ष्यों के आधार पर चैतन्यानंद सरस्वती, भावना कपिल, श्वेता और काजल पर यौन उत्पीड़न करने (बीएनएस की धारा 73 (2)), महिला की गरिमा को ठेस पहुचाने की हरकत करना (बीएनएस की धारा 79), झूठा बयान देने के लिए धमकाना (बीएनएस की धारा 232), मौत या गंभीर चोट पहुचाने की धमकी देना (बीएनएस की धारा 351 (3), उम्रकैद तक कि सजा वाले केस में सबूत मिटाने (बीएनएस की धारा 238-बी) और समान मकसद (3/5) के तहत यह चार्जशीट दाखिल की गई है. इन धाराओं में अधिकतम सजा सात साल और जुर्माने की है. एक अन्य आरोपी हरीश सिंह कपकोटी को पुलिस ने बीएनएस की धारा 232 और बीएनएस कि धारा 351 (3) के तहत आरोपी बनाया गया है.
फर्जी फोटो की गईं थी बरामद
पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के एक नेता के साथ फर्जी तस्वीर सहित कई अन्य तस्वीरों को जब्त किया है. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में एक गेस्ट हाउस में चैतन्यानंद छात्राओं के साथ रुका था. पुलिस को चैतन्यानंद के फोन से डिजिटल सबूत भी मिले है. इनमें वह वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में छात्राओं की फोटो पर आपत्तिजनक कमेंट कर रहा हैं.
ये भी पढ़ें: सतना में बागेश्वर बाबा का ‘चमत्कार’, ड्यूटी पर तैनात ASI के मन की बात पढ़ ली, मंच से बुलाकर बताया एक राज
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने बाबा के कमरे से पुलिस ने एक सेक्स टॉय और 5 पोर्न सीडी भी बरामद की है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में खुलासा किया कि चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 232 को जोड़ा गया है, जो किसी गवाह को झूठी गवाही देने के लिए धमकाने से संबंधित हैं. इसके अलावे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (2), धारा 79, धारा 351 (2) में तहत एफआईआर दर्ज है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



