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लाल किला कार ब्लास्ट: तुफैल और जमीर की NIA कस्टडी 5 दिन बढ़ी, ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल के खुलेंगे राज

दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी तुफैल अहमद और जमीर अहमद की NIA कस्टडी 5 दिन के लिए बढ़ा दी है

Red Fort Car Blast Case
Edited by Sahil Singh

दिल्ली के चर्चित लाल किला कार ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद अहंगर की एनआईए कस्टडी को पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 दिन के लिए और बढ़ा दिया है. दोनों आरोपियों को पहले मिली रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने जांच एजेंसी की मांग पर उनकी हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया.

इससे पहले दोनों आरोपियों को 10 दिन की एनआईए रिमांड पर भेजा गया था. 10 दिन की अवधि खत्म होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने 5 दिन की अतिरिक्त रिमांड दे दी.

दोनों आरोपियों ने की मुख्य आरोपी की मदद

एनआईए के मुताबिक, तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद अहंगर हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा करने में शामिल थे. जांच में सामने आया है कि जमीर को उमर, इरफान और आदिल नाम के लोगों ने राइफल, पिस्तौल और जिंदा कारतूस उपलब्ध कराए थे. जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपी आतंकी संगठन अंसार गजावत-उल-हिंद से जुड़े हुए हैं.

व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का हिस्सा

जमीर अहमद अहंगर जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के वकुरा गांव का रहने वाला है और उसे ‘मुतलशा’ के नाम से भी जाना जाता है. शुरुआती जांच के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसे व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार किया था.

एनआईए अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिल्ली में विस्फोट की साजिश कैसे बनाई गई, इसमें कौन-कौन शामिल थे और हथियार व विस्फोटक सामग्री कहां से जुटाई गई. एजेंसी को शक है कि इस मॉड्यूल के तार जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से भी जुड़े हो सकते हैं.

अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ा मामला

इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनी, डॉक्टर शाहीन सईद और मुफ्ती इरफान समेत अन्य आरोपी शामिल हैं. जांच के दौरान डॉक्टर शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय के फ्लैट से 18.50 लाख रुपये नकद, सोने की बिस्किट, गहने और अरब देशों की मुद्रा भी बरामद की गई थी. गृह मंत्रालय ने इस धमाके की जांच एनआईए को सौंपी थी. इसके बाद एजेंसी विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर पूरे आतंकी नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है.

-भारत एक्सप्रेस



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