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गौतम गंभीर और उनकी ‘पुरानी टीस’: धोनी नहीं, इस दिग्गज से 13 साल से है नाराजगी; खुद पूर्व क्रिकेटर ने खोला राज

पूर्व चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि गौतम गंभीर 2013 में टीम से ड्रॉप किए जाने के बाद से उनसे नाराज हैं और आज भी उनसे बात नहीं करते.

MS Dhoni Gambhir Rift

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर अपने बेबाक अंदाज और ‘एंग्री यंग मैन’ वाली छवि के लिए जाने जाते हैं. अक्सर चर्चा होती है कि गंभीर और एमएस धोनी के बीच सब कुछ ठीक नहीं है, क्योंकि गंभीर कई बार विश्व कप जीत का श्रेय अकेले धोनी को दिए जाने पर सवाल उठा चुके हैं. लेकिन हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के बाद दोनों दिग्गजों ने एक-दूसरे को बधाई देकर इन अफवाहों पर विराम लगा दिया.

मगर अब एक ऐसी कहानी सामने आई है जिससे पता चलता है कि गंभीर के दिल में धोनी से भी ज्यादा खटास किसी और के लिए है. यह नाराजगी आज की नहीं, बल्कि पिछले 13 साल पुरानी है. इसका खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि खुद टीम इंडिया के पूर्व चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल ने किया है.

‘मैं हैलो कहता हूं, वो जवाब तक नहीं देते’

संदीप पाटिल ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान गंभीर के साथ अपने बिगड़े रिश्तों पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि भले ही वे आज भी गंभीर का सम्मान करते हैं, लेकिन गंभीर शायद उन्हें माफ करने के मूड में नहीं हैं. पाटिल ने कहा, ‘हम कई बार एक ही टीवी शो या इवेंट में साथ होते हैं. मैं शिष्टाचार के नाते उन्हें ‘हैलो’ कहता हूं, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आता. वे मेरी तरफ देखते तक नहीं हैं. शायद वे पुरानी बातें भूलते नहीं हैं और न ही माफ करते हैं.’

2013 का एक फैसला और टूट गई दोस्ती

आखिर ऐसा क्या हुआ कि कभी संदीप पाटिल के साथ टेनिस खेलने वाले और उन्हें हर दूसरे हफ्ते फोन करने वाले गंभीर इतने बदल गए? इसकी जड़ें साल 2013 में छिपी हैं. उस वक्त संदीप पाटिल चयन समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने एक कड़ा फैसला लेते हुए गौतम गंभीर को टीम इंडिया से ड्रॉप कर दिया था. उनकी जगह शिखर धवन को टीम में शामिल किया गया.

गंभीर उस समय शानदार फॉर्म में थे और 2007 व 2011 के वर्ल्ड कप हीरो रहे थे. पाटिल बताते हैं कि कोई भी खिलाड़ी तब बाहर नहीं होना चाहता जब वह अच्छा खेल रहा हो. गंभीर अपने करियर और अपनी बल्लेबाजी को लेकर बहुत ज्यादा संजीदा थे, शायद इसीलिए उन्हें टीम से बाहर किया जाना इतना चुभ गया कि उन्होंने पाटिल से बातचीत ही बंद कर दी.

कभी बहुत गहरे थे रिश्ते

संदीप पाटिल ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि एक समय था जब दोनों के बीच बहुत अच्छा तालमेल था. जब पाटिल को कोच के पद से हटाया गया था, तब गंभीर अकेले ऐसे खिलाड़ी थे जो नियमित रूप से उनका हाल-चाल जानने के लिए फोन करते थे. पाटिल ने कहा, “उनका स्वभाव बहुत अच्छा था, हम साथ में वक्त बिताते थे. लेकिन 2013 के बाद सब बदल गया.”

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-भारत एक्सप्रेस



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