राऊज एवेन्यु कोर्ट से साल 2020 में हुए दंगे के मामले में दिल्ली के कानून मंत्री को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने शिकायतकर्ता के उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी. अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज अर्जी को शिकायत माना जाएगा.
अदालत ने शिकायतकर्ता को गवाहों की जांच करने की स्वतंत्रता प्रदान की है. यह अर्जी मोहम्मद इलियास द्वारा दायर की गई थी. कोर्ट 27 मार्च को अगली सुनवाई करेगा. इससे पहले कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें दिल्ली दंगा 2020 के मामले में कपिल मिश्रा की भूमिका की जांच का निर्देश दिया गया था.
कपिल मिश्रा समेत पांच अन्य के खिलाफ FIR की मांग
चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने कहा था कि दिल्ली पुलिस द्वारा पेश की गई सामग्री के आधार पर उनकी उपस्थिति कर्दम पुरी के इलाके में थी, और एक संज्ञेय अपराध पाया गया है जिसकी जांच की जानी चाहिए. यमुना विहार निवासी मोहम्मद इलियास ने दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा, दयालपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी, भाजपा विधायक मोहन सिंह विष्ट, पूर्व भाजपा विधायक जगदीश प्रधान तथा सतपाल सहित पांच अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था. मोहम्मद इलियास ने दिल्ली दंगों में बीजेपी विधायक और कानून मंत्री सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी.
2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में कपिल मिश्रा की कोई भूमिका नहीं- दिल्ली पुलिस
हालांकि दिल्ली पुलिस ने बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार के कानून मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका का विरोध किया था. पुलिस ने अपनी लिखित दलील में कोर्ट से कहा था कि कपिल मिश्रा को फंसाया जा रहा है जबकि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. मोहम्मद इलियास ने अपनी याचिका में दावा किया है कि 23 फरवरी 2020 को उन्होंने कपिल मिश्रा और उनके साथियों को कदर्मपुरी में एक सड़क को ब्लॉक करते हुए देखा.
उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने रेहड़ी पटरी वालों की गाड़ियों को तोड़ते हुए देखा था. मौके पर तत्कालीन उत्तर पूर्व डिप्टी पुलिस कमिश्नर और दिल्ली पुलिस के अन्य अधिकारी कपिल मिश्रा के बगल में खड़े हुए थे.
कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने या परिणाम भुगतने की धमकी दी थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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