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अब ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर’ नहीं बन पाएंगे अफसर, कोचिंग संस्थानों के विज्ञापन और रील बनाने पर सख्त रोक

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने चयनित उम्मीदवारों को पद की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी है. कोचिंग माफियाओं और सोशल मीडिया पर बढ़ती ‘सेल्फ-ब्रांडिंग’ को रोकने के लिए आयोग ने सख्त नियम लागू किए हैं.

UPSC New Guidelines, Social Media Rules

UPSC Social Media Guidelines 2026: अगर आप भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं या हाल ही में आए यूपीएससी (UPSC) के नतीजों में सफल हुए हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है. संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी ने इस बार पास होने वाले उम्मीदवारों को एक ऐसी नसीहत दी है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. आयोग ने साफ कर दिया है कि अफसर बनने के बाद अब आप ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर’ की तरह बर्ताव नहीं कर सकते.

रील और प्रमोशन पर अब लगेगी लगाम

अक्सर देखा जाता है कि यूपीएससी क्लियर करते ही उम्मीदवार रातों-रात सोशल मीडिया स्टार बन जाते हैं. कोई कोचिंग संस्थान उनके नाम पर अपनी ब्रांडिंग शुरू कर देता है, तो कोई खुद अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने लगता है. लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा. आयोग ने 2025 बैच के चयनित उम्मीदवारों को चेतावनी दी है कि वे खुद के प्रचार-प्रसार से दूर रहें.

एडवायजरी में साफ कहा गया है कि किसी भी कोचिंग संस्थान या ब्रांड के विज्ञापन के लिए अपने नाम या फोटो का इस्तेमाल न होने दें. आखिर एक अधिकारी की पहचान उसके काम से होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया के लाइक्स और कमेंट्स से.

पद की गरिमा का रखें ख्याल

यूपीएससी का मानना है कि जैसे ही आप इस सेवा का हिस्सा बनते हैं, आप अब सिर्फ एक आम नागरिक नहीं रह जाते. आप एक संस्था और देश का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में सोशल मीडिया पर आपकी कोई भी जल्दबाजी में की गई पोस्ट या किसी के प्रभाव में आकर किया गया व्यवहार, पूरी सर्विस की साख खराब कर सकता है. आयोग ने उम्मीदवारों को ‘इन्फ्लुएंसर’ बनने की होड़ से बचने और भावनाओं में बहकर कुछ भी विवादित पोस्ट न करने की सलाह दी है.

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क्यों पड़ी इस कड़ाई की जरूरत?

पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मामले सामने आए जहां अधिकारियों ने अपनी पद और वर्दी का इस्तेमाल खुद की ब्रांडिंग या कमर्शियल प्रमोशन के लिए किया. कई बार कोचिंग माफियाओं ने सफल कैंडिडेट्स के चेहरों का इस्तेमाल कर मासूम छात्रों को गुमराह किया. इन्हीं शिकायतों के बाद आयोग ने इस बार कमर कस ली है और 6 मार्च 2026 को आए रिजल्ट के साथ ही यह सख्त गाइडलाइंस भी थमा दी हैं.

नतीजों पर एक नजर

इस साल की परीक्षा में कुल 958 जांबाज सफल हुए हैं, जिनमें 659 पुरुष और 299 महिलाएं शामिल हैं. इस बार बाजी मारी है राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के रहने वाले अनूज अग्निहोत्री ने, जिन्होंने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर सबको चौंका दिया है. अनूज की सादगी और उनकी मेहनत की चर्चा हर तरफ है.

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-भारत एक्सप्रेस



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