Rajsthan News: दौसा जिला अस्पताल, जहां लोगों को राहत और इलाज मिलना चाहिए, वहां गुरुवार सुबह एक मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ. गुढ़लिया निवासी नंदलाल मीणा तेज दर्द के कारण इमरजेंसी वार्ड पहुंचा, लेकिन वहां न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही कोई जिम्मेदार स्टाफ. मदद मांगने पर उसे इलाज देने के बजाय अस्पताल कर्मियों ने कमरे में बंद कर बेरहमी से पीट दिया.
घटना का वीडियो वायरल
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. इसमें साफ दिख रहा है कि अस्पताल कर्मचारी मरीज को लात-घूंसों से मार रहे हैं. परिजन मौके पर पहुंचे तो हंगामा मच गया. स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह नंदलाल को बचाया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि इसके बाद भी उसे इलाज नहीं दिया गया.
इलाज की पर्ची तक फाड़ी
परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने मामले को दबाने के लिए मरीज पर दबाव बनाया और उसकी पर्ची तक फाड़ दी. यानी इलाज का हक भी छीन लिया गया. इस दौरान अस्पताल प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया, जिससे उनकी लापरवाही और संवेदनहीनता साफ झलकती है.
पुलिस ने क्या किया?
सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई. हालांकि, सवाल यह है कि क्या अस्पताल अब इलाज के बजाय मारपीट का अड्डा बन गए हैं?
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क्या है पुराना आरोप?
यह पहली बार नहीं है जब दौसा जिला अस्पताल पर बदसलूकी और लापरवाही के आरोप लगे हों. पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं लेकिन हर बार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई. अब सवाल बनका है कि क्या इस बार दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर मरीजों की जान यूं ही खतरे में पड़ती रहेगी?
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-भारत एक्सप्रेस
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