दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब और इंडियन पोलो एसोसिएशन को 100 साल पुराने परिसर को खाली करने पर रोक लगा दिया है. जस्टिस मिनी पुष्कर्ना ने यह आदेश दिया है.
हर बार एक ही जवाब दाखिल न करें: कोर्ट
कोर्ट ने अलग-अलग आदेश जारी कर केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को कमाल अतातुर्क मार्ग पर स्थित दिल्ली रेस क्लब और रेस कोर्स क्षेत्र में जयपुर पोलो ग्राउंड पर जबरन कब्जा लेने पर रोक दिया है. दोनों को 12 मार्च 2026 को बेदखली नोटिस जारी किए गए थे.
कोर्ट ने सरकार से कहा कि बार-बार एक ही जवाब दाखिल न करें कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कब्जा लिया जा रहा है. हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि इस मामले में सही प्रक्रिया को अपनाते हुए आगे की कार्यवाही की जाए.
बेदखली का नोटिस कानूनी
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि संपत्ति स्थानांतरण अधिनियम की धारा 116 के तहत क्लब का दर्जा पूर्णत कब्जाधारी किरायेदार का है, जिससे बेदखली का नोटिस कानूनी है. कोर्ट ने कहा कि अगर अगर सरकार बड़े सार्वजनिक मकसद के लिए जमीन वापस लेना भी चाहती है, तो उसे कानून की सही प्रक्रिया का पालन करना होगा. अदालत ने रिकॉर्ड किया कि रेस क्लब 53.243 एकड़ भूमि में फैला है और इसमें कार्यालय, अस्तबल, रेस ट्रैक और अन्य ऊपरी ढांचा आदि शामिल है.
प्रतिवादी से कोर्ट का सवाल
अदालत ने कहा कि इस अदालत ने प्रतिवादी से स्पष्ट रूप से पूछा है कि क्या वह इस अदालत के समक्ष अन्य संबंधित मामले के समान ही यह बयान देगा कि वह विधिवत प्रक्रिया का सहारा लिए बिना वादी को बेदखल नहीं करेगा. क्लब के वकील ने कहा कि क्लब का वैध रूप से परिसर पर कब्जा है और वह नियमित रूप से किराया दे रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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