नई दिल्ली, 31 मार्च 2026. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) और CPI (M) पर निशाना साधते हुए उन्हें देश के लिए घातक बताया. शाह ने कहा कि ये पार्टियां भारत के हितों के खिलाफ काम करती रही हैं.
Do you know the truth about the CPI and the CPI (M) ?
Do listen… pic.twitter.com/sCbl3eTDBt— Amit Shah (@AmitShah) March 31, 2026
कम्युनिस्टों का इतिहास
अमित शाह ने कहा कि आजादी की लड़ाई के समय कम्युनिस्ट ब्रिटिश सरकार का साथ देते थे. उन्होंने देश की आजादी में कोई योगदान नहीं दिया. बल्कि उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत का समर्थन किया. शाह ने जोर देकर कहा कि ये पार्टियां हमेशा से देशभक्ति के खिलाफ रहीं.
चीन समर्थन का आरोप
1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान CPI (M) ने चीन का साथ दिया. ये पार्टियां चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से प्रेरित हैं. शाह ने कहा कि ये भारत में नक्सलवाद को बढ़ावा देती हैं और आदिवासियों को विकास की राह से भटकाती हैं. नक्सलियों ने कई सालों तक देश के कई हिस्सों में हिंसा फैलाई.
देश विरोधी गतिविधियां
अमित शाह ने बताया कि कम्युनिस्ट पार्टियां भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ काम करती हैं. वे अलगाववाद को बढ़ावा देती हैं और देशहित को नजरअंदाज करती हैं. उन्होंने कहा कि अब भारत सरकार की नीतियों से नक्सलवाद पर लगाम लग रही है. कई इलाके नक्सल मुक्त हो चुके हैं.
सरकार की उपलब्धियां
शाह ने जोर दिया कि मोदी सरकार ने सुरक्षा बलों और विकास कार्यों से नक्सल समस्या को काफी हद तक कम किया है. आदिवासी इलाकों में स्कूल, अस्पताल और सड़कें बन रही हैं. युवाओं को शिक्षा और रोजगार मिल रहा है. इससे नक्सलवाद की जड़ें कमजोर हो रही हैं.
कल है ‘लाल आतंक’ का आखिरी दिन! अमित शाह की वो 3 तारीखें, जिन्होंने तोड़ दी नक्सलवाद की कमर
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
