Gonda Akash Singh Story: गोंडा/विशाल सिंह: उत्तर प्रदेश के गोंडा रेलवे स्टेशन पर बीती रात एक दर्दनाक हादसा हो गया. जीआरपी (GRP) में तैनात 2018 बैच के सिपाही आकाश सिंह एक संदिग्ध आरोपी को पकड़ने के प्रयास में डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस की चपेट में आ गए. इस भीषण दुर्घटना में सिपाही के दोनों पैर गंभीर रूप से कट गए. घटना के बाद स्टेशन पर कोहराम मच गया और आनन-फानन में उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई.
विवाद से शुरू हुआ घटनाक्रम (Gonda Railway Station Accident)
जानकारी के अनुसार, स्टेशन परिसर में दो युवकों के बीच मारपीट और रुपयों की चोरी के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर भीड़ जमा थी. सिपाही आकाश सिंह ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान एक युवक सुनील, जिस पर चोरी का शक था, अचानक प्लेटफॉर्म पर आती हुई ट्रेन को देखकर भागने लगा.
कैसे हुआ हादसा?
जैसे ही डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर पहुँची, आरोपी सुनील ने भागकर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की. सिपाही आकाश सिंह ने अदम्य साहस दिखाते हुए उसे पकड़ने के लिए दौड़ लगा दी. इसी आपाधापी में आकाश का संतुलन बिगड़ गया और वे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप (पायदान) में फंस गए.
हादसे में सिपाही का एक पैर कटकर पूरी तरह अलग हो गया, जबकि दूसरा पैर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर खाल के सहारे लटक गया. हालांकि, इस हादसे के बावजूद जीआरपी की टीम ने भाग रहे आरोपी सुनील को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है.
मऊ के रहने वाले हैं सिपाही आकाश (Gonda GRP Constable Akash Singh)
घायल सिपाही आकाश सिंह मूल रूप से मऊ जिले के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से गोंडा में अपनी सेवाएं दे रहे थे. विभाग में उन्हें एक कर्मठ और अनुशासित सिपाही के रूप में जाना जाता है. इस घटना के बाद पुलिस विभाग और उनके साथियों में शोक और चिंता की लहर है.
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प्रशासनिक प्रतिक्रिया और उपचार (Gonda Possitive Story)
एसपी रेलवे लक्ष्मी मिश्र ने बताया कि सिपाही आकाश को गोंडा मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार देने के बाद तत्काल लखनऊ केजीएमसी (KGMC) ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है. उन्होंने कहा कि-
‘आकाश सिंह एक बहादुर सिपाही हैं. उन्होंने नशे की हालत में भाग रहे अभियुक्त को पकड़ने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी. फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और विभाग उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है.’
गोंडा की यह घटना पुलिसकर्मियों के दैनिक जीवन में आने वाले खतरों और उनके समर्पण को रेखांकित करती है. एक संदिग्ध को कानून के हवाले करने की कोशिश में आकाश सिंह ने जो बलिदान दिया है, वह उनके साहस का प्रमाण है. पूरा प्रदेश उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है.
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