प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ओडिशा के पारंपरिक नववर्ष, ‘महा बिषुब पणा संक्रांति’ के पावन अवसर पर देशवासियों और विशेष रूप से ओड़िया समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं. आज, 14 अप्रैल को पूरा ओड़िया समाज नई शुरुआत और नई उम्मीदों के साथ अपना नववर्ष मना रहा है. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर भारत की सांस्कृतिक विविधता और क्षेत्रीय परंपराओं के महत्व को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया है.
भक्ति और समृद्धि की कामना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (X) पर ओड़िया और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में शुभकामना कार्ड साझा किए.
Happy Maha Bishuba Pana Sankranti! pic.twitter.com/JZ4SJNbvDF
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
उन्होंने अपने संदेश में लिखा, ‘महा बिषुब पणा संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं!’ पीएम मोदी ने कामना की कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से यह पर्व सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, अपार खुशहाली और समृद्धि लेकर आए. उन्होंने इस त्योहार को भक्ति, सद्भाव और सामाजिक बंधनों को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर बताया.
सांस्कृतिक विविधता और ओड़िया पहचान
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महा बिषुब पणा संक्रांति जैसे त्योहार हमारी राष्ट्रीय एकता को और अधिक प्रगाढ़ करते हैं. यह पर्व न केवल मौसमी बदलाव का प्रतीक है, बल्कि यह ओड़िया समुदाय की गहरी जड़ों और उनके गौरवशाली इतिहास से पूरे देश को जोड़ता है. पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय परंपराओं का सम्मान करना और उन्हें बढ़ावा देना ही नए भारत की असली ताकत है.
परंपरा और आधुनिकता का संगम
बता दें कि महा बिषुब पणा संक्रांति सूर्य की गति पर आधारित एक खगोलीय और सांस्कृतिक उत्सव है. इस दिन ओड़िया घरों में बेल, नारियल, केला और दही से बना पारंपरिक ‘पणा’ तैयार किया जाता है, जो स्वास्थ्य और शीतलता का प्रतीक है. मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और सामाजिक मिलन इस दिन की शोभा बढ़ाते हैं. प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश ओड़िया समुदाय के प्रति उनके गहरे जुड़ाव और भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के उनके संकल्प को दर्शाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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