दिल्ली हाई कोर्ट ने हॉकी इंडिया और उसके महासचिव भोला नाथ सिंह को जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना करने के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है. जनवरी 2025 में सिंह और हॉकी इंडिया को निर्देश दिया गया था कि वे हॉकी इंडिया की उपाध्यक्ष सईद असीमा अली खान से संपर्क स्थापित करें, ताकि वह कार्यकारी बोर्ड की सभी बैठकों में भाग ले सकें.
जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने अब यह माना है कि स्पष्ट और बिना शर्त निर्देशों के बावजूद सिंह और हॉकी इंडिया अली को 4 जुलाई और 27 जुलाई 2025 को आयोजित बैठकों के लिंक प्रदान करने में विफल रहे. सजा को लेकर कोर्ट 4 मई को सुनवाई करेगा.
महासचिव पर 25 लाख रुपए मांगने का आरोप
इससे पहले हॉकी तेलंगाना के अध्यक्ष सरल तलवार ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगाया था. उन्होंने हॉकी इंडिया के चेयरमैन सह पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी दिलीप तिर्की को पत्र लिखा था. सरल तलवार का आरोप था कि ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी की रिपोर्ट को मैनेज करने का हवाला देकर महासचिव भोला नाथ सिंह ने 25 लाख रुपए की मांग की थी. ऐसा नहीं करने पर उनकी अध्यक्षता वाली हॉकी तेलंगाना कमेटी को भंग कर एक अस्थायी कमेटी बना दी गई. इसमें एक्सक्यूटिव डायरेक्टर आर.के. श्रीवास्तव भी शामिल थे.
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हॉकी इंडिया के भीतर आंतरिक कलह के दावे
सरल तलवार का यह भी आरोप था कि महासचिव भोला नाथ सिंह ने बातचीत के दौरान कहा था कि हम ऐसी परिस्थिति बना देंगे कि बहुत जल्द दिलीप तिर्की को भी हॉकी इंडिया के अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा. इसी दौरान भोला नाथ सिंह के साथ मौजूद एक्सक्यूटिव डायरेक्टर मिस्टर श्रीवास्तव ने मुझे विदा करते हुए इशारा किया था कि आगे क्या होना है, यह आपके फैसले पर निर्भर करेगा.
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