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बंगाल में मतगदान से पहले NIA की एंट्री, गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश; जानें क्या है मामला?

West Bengal Crude Bombs Case: बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले गृह मंत्रालय ने सबसे बड़ा ‘एक्शन’ लिया है. दक्षिण 24 परगना मामले की जांच अब सीधे NIA करेगी. TMC नेता के शव की उलझी हुई ‘मिस्ट्री’ अब खुफिया एजेंसी सुलझाएगी.

NIA West Bengal Crude Bombs Case South 24 Parganas

West Bengal Crude Bombs Case: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बेहद सख्त और बड़ा कदम उठाया है. राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) से जुड़ी गंभीर चिंताओं और एक बड़ी साज़िश की आशंका को देखते हुए गृह मंत्रालय ने राज्य में 79 क्रूड बम (कच्चे/देसी बम) बरामद होने के मामले की जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दी है. गृह मंत्रालय के आदेश के बाद आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है.

टीएमसी कार्यकर्ता के घर मिले थे 79 देसी बम (NIA West Bengal Crude Bombs Case)

यह पूरा मामला दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर इलाके से जुड़ा है. हाल ही में निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने पश्चिम बंगाल पुलिस को चुनाव के दौरान देसी बमों के अवैध निर्माण में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का सख्त निर्देश दिया था. इस निर्देश के बाद, पुलिस ने भांगर में एक व्यक्ति के घर छापेमारी कर भारी मात्रा में 79 देसी बम बरामद किए. चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस घर से ये बम मिले, वह कथित तौर पर एक टीएमसी (TMC) कार्यकर्ता का बताया जा रहा है.

बम बनाते समय हुआ था धमाका (West Bengal Crude Bombs Blast)

इस बरामदगी के तार 18 मार्च को भांगर के चालताबेरिया स्थित पश्चिम बामुनिया गांव में हुए एक भयानक विस्फोट से जुड़े हैं. यह धमाका उस समय हुआ था जब गुपचुप तरीके से देसी बम बनाए जा रहे थे. एनआईए के सूत्रों के अनुसार, इस ब्लास्ट की घटना में प्रत्यक्ष रूप से शामिल आरोपी वाहिदुल इस्लाम मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच में यह भी सामने आया है कि इस धमाके के दौरान स्थानीय तृणमूल बूथ अध्यक्ष मोसिउर काजी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. रहस्यमयी तरीके से घटना के कुछ समय बाद उनका शव घटनास्थल से करीब 24 किलोमीटर दूर हारोआ इलाके से बरामद किया गया था.

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राष्ट्रीय सुरक्षा का है मामला (West Bengal Election)

चुनावों के बीच भारी मात्रा में बमों का जखीरा मिलना और सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता के घर से इसकी बरामदगी ने पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. गृह मंत्रालय द्वारा मामला सीधे एनआईए को सौंपे जाने से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार इस मामले को महज एक चुनावी हिंसा के बजाय ‘राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरे’ के रूप में देख रही है. अब एनआईए इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन बमों का निर्माण किस बड़ी साज़िश को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था.



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