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क्या पूराने नोटों और सिक्को के बदले मिलेगी भारी भरकम रकम? जानें पीएम मोदी के वायरल वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का एक डीपफेक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पुराने सिक्के और नोट खरीदने का दावा किया गया है. PIB फैक्ट चेक ने इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है.

PIB Fact Check Fake PM Modi Video claiming to buy old coins goes viral

आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है, जिसे देखकर अच्छे-अच्छे लोग झांसे में आ रहे हैं. वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर आ रहे हैं और दावा किया जा रहा है कि सरकार अब आपके घर रखे पुराने, दुर्लभ और एंटीक नोट व सिक्के खरीदने वाली है. इतना ही नहीं, वीडियो में ये भी कहा गया है कि बैंक के कर्मचारी खुद आपके घर आएंगे और ये सिक्के बटोरकर आपको मोटी रकम देंगे. लेकिन में असल में सच्चाई कुछ और ही है.

क्या है वायरल दावा?

दरअसल कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस् पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो के जरिए ये दावा किया जा रहा है कि बैंक अब पूराने और दुर्लभ नोटों व सिक्कों को लेकर बड़ी रकम देगी.

इतना ही नहीं, वीडियो के जरिए ये भी दावा किया गया है कि बैंक के कर्मचारी खुद आपके घर आकर इन सिक्को को इक्ट्ठा करेंगे.

क्या है असल सच?

PIB की फैक्ट चेक टीम ने जब इस वीडियो की पड़ताल की, तो सच्चाई कुछ और ही निकली. दरअसल, ये वीडियो पूरी तरह से फर्जी है. इसे ‘डीपफेक’ (Deepfake) तकनीक के जरिए बनाया गया है. यानी, चेहरा पीएम मोदी का है, लेकिन जो बातें वो कह रहे हैं, वो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार की गई हैं. जालसाजों ने इसे इतना असली बनाया है कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए.

वहीं, सरकारी वेबसाइटों के अनुसार सरकार कि ऐसी कोई भी योजना न तो शुरू हुई है और न ही विचाराधीन है. कोई भी बैंक कर्मचारी पुराने सिक्के लेने आपके घर नहीं आने वाला है.

ठगी का नया ‘शॉर्टकट’

साइबर अपराधी जानते हैं कि भारत के घरों में पुराने सिक्के और नोट सहेज कर रखने का रिवाज है. किसी के पास दादी-नानी के जमाने के सिक्के हैं, तो किसी के पास बंद हो चुके पुराने नोट. ठग इसी ‘इमोशन’ का फायदा उठा रहे हैं. जैसे ही आप इन वीडियो के नीचे दिए गए किसी लिंक पर क्लिक करते हैं, आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है या आपसे ‘रजिस्ट्रेशन फीस’ के नाम पर पैसे ठगे जा सकते हैं.

कैसे रहें सावधान?

जब तक किसी योजना की जानकारी सरकारी वेबसाइट (जैसे MyScheme पोर्टल) पर न दिखे, उस पर भरोसा न करें. व्हाट्सएप पर आने वाला हर मैसेज सच नहीं होता. बिना जांचे इसे दूसरों को न भेजें. अगर कोई घर बैठे पैसे देने का वादा कर रहा है, तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है.

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-भारत एक्सप्रेस



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