Urdu Conclave 2026

केरल: ‘लाल दुर्ग’ में हुआ बड़ा उलटफेर! कांग्रेस नीत UDF की सत्ता में वापसी, LDF का सूपड़ा साफ

केरल विधानसभा चुनाव 2026 में बड़ा बदलाव हुआ है, जहाँ कांग्रेस नीत यूडीएफ ने 140 में से 99 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ मात्र 38 सीटों पर सिमट गया है.

Kerala Election Results 2026 UDF wins 99 seats, LDF ousted from power

Kerala Election Results 2026: केरल की जनता ने अपनी परंपरा को कायम रखते हुए इस बार वामपंथी एलडीएफ (LDF) को सत्ता से बेदखल कर दिया है. 140 सीटों वाली केरल विधानसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने 99 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के ‘अजेय’ होने के मिथक को जनता ने तोड़ दिया है और राज्य में एक बार फिर ‘हाथ’ का साथ दिया है.

‘एंटी-इंकम्बेंसी’ और भ्रष्टाचार की मार

एलडीएफ की हार के पीछे 10 साल का शासन और सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) मुख्य कारण रही. भ्रष्टाचार के आरोपों और राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर जनता में गहरा असंतोष था. यूडीएफ ने इन मुद्दों को सही ढंग से भुनाया और केरल की शिक्षित जनता के बीच यह संदेश देने में सफल रही कि राज्य को अब बदलाव की जरूरत है.

राहुल गांधी फैक्टर और वायनाड का प्रभाव

केरल में यूडीएफ की इस जीत में राहुल गांधी की मौजूदगी का भी बड़ा हाथ माना जा रहा है. वायनाड से सांसद होने के नाते राहुल ने राज्य में कई रैलियां कीं, जिसने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया. अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यक हिंदुओं के बीच एक संतुलित तालमेल बनाकर यूडीएफ ने एलडीएफ के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई.

भाजपा का खाता खुला, एलडीएफ 38 पर सिमटी

इस चुनाव में भाजपा गठबंधन (NDA) ने भी 3 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है. वहीं, मुख्यमंत्री विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ महज 38 सीटों पर सिमट गया, जो उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी हार है. केरल के नतीजों ने साफ कर दिया है कि दक्षिण के इस राज्य में अब ‘लाल’ विचारधारा के सामने चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं.

नया केरल: विकास और रोजगार की उम्मीद

यूडीएफ ने अपनी जीत के बाद वादा किया है कि वे केरल को निवेश और रोजगार का केंद्र बनाएंगे. खाड़ी देशों से लौटने वाले युवाओं के लिए नई नीतियां और कृषि क्षेत्र में सुधार उनके एजेंडे में सबसे ऊपर हैं. केरल की नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की होगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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