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बंगाल चुनाव ट्रिब्यूनल में बड़ी हलचल: जस्टिस टीएस शिवगनणनम का इस्तीफा, राजनीतिक गलियारों में खलबली

West Bengal Election Tribunal: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक हलचल देखने को मिली है. कोलकाता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस शिवगनणनम ने अचानक एसआईआर (SIR) ट्रिब्यूनल से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है.

kolkata high court
Edited by Shubhra Rai

Supreme Court Order Bengal: जस्टिस टीएस शिवगनणनम, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित मतदाता सूची विवाद निपटारा समिति का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना पद छोड़ दिया है. चुनाव से पहले बंगाल में लाखों नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने के बाद, 19 पूर्व जजों के साथ वे इन अपीलों की सुनवाई कर रहे थे.

उनके इस इस्तीफे ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और चुनाव आयोग की समीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं.

पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने इस्तीफा दिया

पश्चिम बंगाल में कल शपथ ग्रहण समारोह है. लेकिन उससे ठीक पहले कोलकाता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगनणनम ने एसआईआर ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दे दिया है. उनके मुताबिक निजी कारणों से उन्होंने यह इस्तीफा दिया है. लेकिन इनके इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है. राजनीतिक पार्टियां सवाल उठाने लगी है.

व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया

जस्टिस टीएस शिवगनणनम ने कोलकाता हाई कोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. चुनाव आयोग और बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी जानकारी दी गई. जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, मैंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है. उन्होंने 5 अप्रैल से 27 अप्रैल तक न्यायाधिकरण में कार्य किया. उन्होंने कुल 1777 मतदाताओं के मतपत्रों का निपटारा किया है.

जस्टिस शिवगनणनम समेत 19 पूर्व न्यायाधीश शामिल

जस्टिस टीएस शिवगनणनम उस तीन सदस्यीय पैनल को लीड कर रहे थे, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित किया गया था. टीएस शिवगनणनम ने केवल इस ट्रिब्यूनल के सदस्य थे, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित उस उच्चाधिकार प्राप्त समिति का भी हिस्सा थे, जिसे मतदाता सूची से जुड़े विवादों के निपटारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इस प्रक्रिया में जस्टिस शिवगनणनम समेत 19 पूर्व न्यायाधीश शामिल थे.

लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए

चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने पूरे पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट की खास समीक्षा कराई थी. इसमें लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इन हटाए गए नामों पर अपील सुनने के लिए 19 रिटायर्ड जजों की अपीलेट ट्रिब्यूनल बनाया गया था. जस्टिस शिवगनणनम ने सितंबर 2025 में कोलकाता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद से रिटायर्ड होने के बाद यह जिम्मेदारी संभाली थी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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