Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

सियासत में प्राचीन भारत की वापसी! बिहार, बंगाल और ओडिशा की एकता पर क्यों दांव खेल रही है भाजपा?

पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद ‘अंग-बंग-कलिंग’ का नारा भारतीय राजनीति का नया केंद्र बन गया है. बिहार (अंग), बंगाल (बंग) और ओडिशा (कलिंग) के एक ही राजनीतिक विचारधारा के साथ आने से पूर्वी भारत के विकास का नया त्रिकोण तैयार हुआ है.

Anga-Banga-Kalinga The New Political Triangle Shaping Eastern India's Future

AI IMAGE

Edited by Vaibhav Gupta

भारतीय राजनीति में हाल ही में ‘अंग, बंग, कलिंग’ शब्द काफी चर्चा में हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा की भारी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इन प्राचीन नामों का जिक्र कर पूर्वी भारत के विकास और ‘विकसित भारत’ के सपने को जोड़ा है. यह त्रिकोण अब भाजपा शासित राज्यों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है.

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में अंग, वंग (बंग) और कलिंग पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख राज्य थे:

  • अंग (Anga) : मुख्य रूप से वर्तमान बिहार के भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र. महाभारत में कर्ण का राज्य के रूप में प्रसिद्ध. यह व्यापार, शिक्षा और सामरिक महत्व का केंद्र था. मगध साम्राज्य के पूर्वी द्वार के रूप में जाना जाता था.
  • बंग/वंग (Banga/Vanga) : वर्तमान पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के क्षेत्र. समृद्ध कृषि, नौवहन और सांस्कृतिक केंद्र. बंगाल की प्राचीन सभ्यता, बौद्ध और जैन प्रभाव, तथा व्यापारिक संपन्नता के लिए जाना जाता था.
  • कलिंग (Kalinga) : वर्तमान ओडिशा. अशोक के कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध प्रभाव वाला क्षेत्र. समुद्री शक्ति, वास्तुकला (जैसे कोणार्क सूर्य मंदिर) और साहसिक कर्मशीलता के लिए प्रसिद्ध. प्राचीन काल में दक्षिण-पूर्व एशिया तक व्यापारिक संबंध.

ये तीनों क्षेत्र प्राचीन भारत की समृद्धि, व्यापार (विशेषकर पूर्वी समुद्री मार्ग) और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के स्तंभ थे. PM मोदी ने इन्हें ‘विकसित भारत’ के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ बताया है — अंग की समृद्ध परंपरा, बंग की प्रखर बुद्धिमत्ता और कलिंग की अटूट कर्मशीलता.

वर्तमान राजनीतिक संदर्भ

2026 के बंगाल चुनाव परिणामों के बाद:

  • अंग → बिहार (NDA/भाजपा समर्थित सरकार)
  • बंग → पश्चिम बंगाल (भाजपा की नई सरकार, सुवेंदु अधिकारी संभावित CM)
  • कलिंग → ओडिशा (भाजपा सरकार)

ये पहली बार है जब ये तीनों क्षेत्र एक साथ भाजपा या उसके गठबंधन के अधीन आ गए हैं. अमित शाह और PM मोदी ने इसे ‘अखंड विकास’ और पूर्वी भारत के पुनरुत्थान का प्रतीक बताया. मोदी जी ने कहा कि इन तीनों स्तंभों के मजबूत होने से ही विकसित भारत संभव है.

क्यों महत्वपूर्ण है ये चर्चा?

भौगोलिक-ऐतिहासिक एकता : पूर्वी भारत को एक सभ्यतागत इकाई के रूप में प्रस्तुत करना, जो भाषा, संस्कृति और आर्थिक संभावनाओं में जुड़ा है.

  • विकास एजेंडा : इन राज्यों में बंदरगाह, उद्योग, कृषि, पर्यटन और मानव संसाधन पर फोकस. कलिंग की समुद्री विरासत, अंग की खनिज संपदा और बंग की सांस्कृतिक-बौद्धिक क्षमता को जोड़कर बड़े आर्थिक गठजोड़ की बात.
  • राजनीतिक संदेश : विपक्षी दलों (विशेषकर TMC) के खिलाफ ‘परिवर्तन’ का नारा. साथ ही, पूर्वी भारत को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाने का दावा.

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषकों का मानना है कि ‘अंग-बंग-कलिंग’ फॉर्मूला अब झारखंड, असम जैसे पड़ोसी क्षेत्रों में भी भाजपा की रणनीति को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, चुनौतियां भी हैं- क्षेत्रीय अस्मिता, स्थानीय मुद्दे (बेरोजगारी, प्रवासन, सांप्रदायिक सद्भाव) और संघर्षरत विपक्ष.

प्राचीन काल में ये क्षेत्र भारत की समृद्धि के प्रवेश द्वार थे. आज फिर इन्हें विकास के इंजन बनाने की कोशिश हो रही है. ‘अंग, बंग, कलिंग’ न सिर्फ चुनावी नारा है, बल्कि पूर्वी भारत के पुनर्जागरण की कहानी भी बन रहा है.

इतिहास और वर्तमान का यह संगम रोचक है. यदि ये तीनों राज्य वास्तव में समन्वित विकास की राह पर चलें तो पूर्वी भारत न केवल राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनेगा, बल्कि भारत की सभ्यतागत गरिमा को भी नई ऊंचाई देगा. चर्चा जारी रहेगी- विकास की, एकता की और विरासत की.

ये भी पढ़ें:उत्तर-दक्षिण नहीं, ‘पूर्व-पश्चिम’ की खाई है बड़ी समस्या; संजीव सान्याल ने बताया पूर्वी भारत के पिछड़ने का कारण

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital