Mossad new chief Roman Gofman: दुनिया की सबसे अचूक, खूंखार और रहस्यमयी खुफिया एजेंसियों में जब भी किसी का नाम सबसे ऊपर आता है, तो वह है इजरायल की ‘मोसाद’ (Mossad). मोसाद यानी वो एजेंसी जो दुनिया के किसी भी कोने में छिपे अपने दुश्मन को ढूंढकर खत्म करने का माद्दा रखती है. अब इजरायल के दुश्मनों की नींद एक बार फिर उड़ने वाली है, क्योंकि इस खुफिया एजेंसी को अपना नया ‘बॉस’ मिल गया है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा और रणनीतिक ऐलान करते हुए मेजर जनरल रोमन गोफमैन (Roman Gofman) को मोसाद का नया चीफ नियुक्त किया है. आइये जानें आखिर इस अटूट भरोसे का कारण क्या है?
नेतन्याहू का रोमन गोफमैन पर ‘अटूट भरोसा’ (Netanyahu appoints new Mossad chief)
नेतन्याहू ने इस नियुक्ति का ऐलान करते हुए जो शब्द कहे, वो इजरायल के इरादों को साफ कर देते हैं. प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि मेजर जनरल रोमन गोफमैन मोसाद को एक नए स्तर पर ले जाएंगे. नेतन्याहू ने कहा-
‘रोमन की अगुवाई में मोसाद ‘ताक़त से ताक़त की ओर’ (from strength to strength) आगे बढ़ेगा.” यह बयान सिर्फ एक औपचारिक घोषणा नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि मध्य पूर्व के मौजूदा तनावपूर्ण हालात और वैश्विक चुनौतियों के बीच इजरायल अपनी खुफिया ग्रिड को और भी ज्यादा आक्रामक और अभेद्य बनाने जा रहा है.
कौन हैं मेजर जनरल रोमन गोफमैन? (Who is Roman Gofman Mossad new chief)
मोसाद प्रमुख का पद इजरायल के सुरक्षा तंत्र में सबसे ताकतवर पदों में से एक माना जाता है. मेजर जनरल रोमन गोफमैन (Mossad chief Roman Gofman biography) की गिनती इजरायली रक्षा बलों (IDF) के सबसे तेज-तर्रार और रणनीतिक रूप से निपुण अधिकारियों में होती है. सेना में उनका लंबा अनुभव, ग्राउंड ऑपरेशंस की समझ और खुफिया नेटवर्क को हैंडल करने की उनकी क्षमता ही उन्हें इस शीर्ष पद का सबसे मजबूत दावेदार बनाती है.
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एक सैन्य अधिकारी (मेजर जनरल) से सीधे मोसाद के चीफ की कुर्सी तक पहुंचना यह बताता है कि इजरायल अब ‘मिलिट्री एक्शन’ और ‘इंटेलिजेंस’ (खुफिया जानकारी) के बीच एक ऐसा मजबूत पुल बनाना चाहता है, जिसमें दुश्मन को सोचने का मौका भी न मिले.
मोसाद के लिए आगे क्या?
नेतन्याहू का यह फैसला इजरायल की खुफिया एजेंसी में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन का प्रतीक है. रोमन गोफमैन के सामने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से लेकर मध्य पूर्व में इजरायल विरोधी ताकतों के नेटवर्क को ध्वस्त करने जैसी कई बड़ी चुनौतियां होंगी. जिस तरह नेतन्याहू ने कहा है कि गोफमैन मोसाद को ‘और मजबूत’ करेंगे, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में मोसाद के ऑपरेशंस में एक नई आक्रामकता और सटीकता देखने को मिल सकती है.
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