Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

शिकोहपुर जमीन घोटाले में वाड्रा को नहीं मिली राहत, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया पेशी का आदेश

Gurugram Land Scam Case: गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम मामले में रॉबर्ट वाड्रा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. शिकोहपुर लैंड स्कैम में 16 मई को निचली अदालत में पेशी तय की गई.

Gurugram land scam case
Edited by Shubhra Rai

गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम मामले में रॉबर्ट वाड्रा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. वाड्रा को निचली अदालत में पेश होना पड़ेगा. वाड्रा ने निचली अदालत द्वारा समन को चुनौती दी है. कोर्ट ने 18 मई को अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. ईडी ने यह भी दलील दी मामले में तथ्यों को छिपाना गया है.

ईडी की दलीलों पर जवाब दाखिल

सुनवाई के दौरान वाड्रा की ओर से कहा गया कि जिन प्रेडिकेट ऑफेंस के आधार पर उन पर पीएमएलए लगाया गया, वे कथित घटना के बाद पीएमएलए की अनुसूची में जोड़े गए थे. प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कुछ तथ्यों को छिपाया गया है. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा को ईडी की दलीलों पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया है.

16 मई को कोर्ट में पेशी

वाड्रा को 16 मई को जारी समन पर पेश होना पड़ेगा. निचली अदालत में सुनवाई के दौरान वाड्रा की ओर से पेश वकील ने कहा था कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है. वाड्रा के वकील ने कोर्ट को बताया था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लेना चाहिए.

कोर्ट ने 2 अगस्त 2025 को वाड्रा सहित अन्य 10 आरोपियों को प्री समन जारी किया था. ईडी ने 17 जुलाई 2025 को रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ हरियाणा के शिकोहपुर भूमि से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चार्जशीट दाखिल किया था.

ईडी का बड़ा दावा

पिछली सुनवाई के दौरान ईडी ने बड़ा दावा किया था कि स्काईलाइट ने वाणिज्यिक आवासीय विकास के लिए लाइसेंस ऊपरी दबाव में प्राप्त किया गया. ईडी ने कहा था कि लाइसेंस की फाइलें जल्दबाजी में प्रोसेस की गई और कंपनी की वित्तीय स्थिति की जांच नहीं कि गई. नियमों और शर्तों को दरकिनार कर यह लाइसेंस जारी किया गया.

ईडी ने उन अधिकारियों के बारे में कोर्ट को जानकारी जो अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है. ईडी ने दावा किया है कि वाड्रा की कंपनी ने डीएलएफ के साथ सहयोग कर अपराध से प्राप्त धन की तीसरी परत तैयार की.

42.62 करोड़ की राशि अवैध कमाई

ईडी के मुताबिक चार किश्तों में धन प्राप्त किया गया. ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया कि वाड्रा के स्वामित्व वाली कम्पनियों द्वारा प्राप्त 42.62 करोड़ की राशि अवैध कमाई है, जिसे दिल्ली में लेयरिंग किया गया. इसलिए यह अदालत के क्षेत्राधिकार का मामला बनता है. चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा सहित 11 आरोपियों के नाम है. यह मामला साल 2008 में खरीदी गई जमीन घोटाले से जुड़ा है. वाड्रा पर आरोप है कि कंपनी में सिर्फ एक लाख रुपये की जमीन सौदा किया था.

कई अन्य का नाम शामिल

इसी मामले में ईडी ने वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. पहली बार ऐसा हुआ है कि जब किसी जांच एजेंसी ने आपराधिक मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. रॉबर्ट वाड्रा और उनकी संस्थाओं से जुडी 37.64 करोड़ रुपए की 43 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है.

दायर चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी एम/एस स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और इनके प्रमुख श्री सत्यानंद याजी, श्री केवल सिंह वीरक सहित अन्य का नाम शामिल है. इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था.

जिसके आधार पर रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी एम/एस स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ गुरुग्राम के गांव शिकोहपुर, सेक्टर-83 में स्थित 3.53 एकड़ जमीन की कथित रूप से फर्जी खरीद मामले में यह चार्जशीट दाखिल की गई है.

यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर की जमीन पर ‘जंग’: दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकारों से मांगा जवाब, क्या कांग्रेस को मिलेगा मालिकाना हक?

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital