India Bullet Train Project
India Bullet Train Project: भारतीय रेलवे ने सोमवार को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) कॉरिडोर पर चलने वाली भारत की पहली बुलेट ट्रेन का डिजाइन जारी किया है.
रेलवे मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में प्रस्तावित बुलेट ट्रेन की तस्वीर प्रदर्शित की. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देश की पहली प्रस्तावित बुलेट ट्रेन की तस्वीर रेलवे मंत्रालय में प्रदर्शित की गई है. इसे गेट नंबर 4 पर लगाया गया है.
इससे पहले फरवरी में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा को सूचित किया था कि 508 किलोमीटर लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगा.
इन रूट्स पर होंगे 12 स्टेशन
इस कॉरिडोर में 12 स्टेशन शामिल होंगे – मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती.
मंत्रालय के अनुसार, गुजरात के आठ स्टेशनों (वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती) पर नींव का काम पहले ही पूरा हो चुका है.
महाराष्ट्र के ठाणे, विरार और बोइसर में निर्माण कार्य वर्तमान में जारी है, जबकि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्टेशन पर खुदाई का काम लगभग पूरा हो चुका है.
17 नदियों पर पुल का हो चुका है निर्माण
परियोजना ने पुलों के बुनियादी ढांचे में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है. सत्रह नदी पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि गुजरात में नर्मदा, माही, ताप्ती और साबरमती नदियों पर चार प्रमुख पुलों का निर्माण कार्य जारी है. महाराष्ट्र में चार अतिरिक्त नदी पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है.
अंडरग्राउंड बीकेसी स्टेशन पर खुदाई का काम लगभग 91 प्रतिशत पूरा हो चुका है. घंसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किलोमीटर लंबी समुद्री सुरंग का निर्माण भी हो चुका है.
280 किमी प्रति घंटा दौड़ सकेगी ट्रेन
एमएएचएसआर परियोजना सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित की जा रही है, जिसमें चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री और बेंगलुरु स्थित बीईएमएल लिमिटेड संयुक्त रूप से 280 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति प्राप्त करने में सक्षम ट्रेन सेट विकसित कर रही हैं.
वैष्णव ने पहले कहा था कि परियोजना के लिए आवश्यक संपूर्ण 1,389.5 हेक्टेयर भूमि लागू कानूनों के अनुसार अधिग्रहित कर ली गई है.
सभी परिवारों को दिया जा चुका है मुआवजा
राज्य कानूनों और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजे और पारदर्शिता के अधिकार अधिनियम के तहत प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है.
ये भी पढ़ें- डिजिटल इंडिया में साइबर सेंधमारी! 5.83 लाख मामलों में ₹3,588 करोड़ की ठगी, लोकसभा में सामने आए आंकड़े
सरकार ने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र सरकारों के समन्वय से पुनर्वास और पुनर्स्थापन उपाय किए गए हैं, साथ ही प्रभावित लोगों को अतिरिक्त लाभ और मुआवजा भी दिया गया है.
(IANS के इनपुट पर आधारित)
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

