Delhi Riots 2020 Bail Case: सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगा मामले में आरोपी तस्लीम अहमद और अब्दुल खालिद सैफी की ओर से दायर जमानत याचिका पर सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि पूरी संभावना है कि आपको राहत मिलेगी. हम आदेश पारित करेंगे, यदि संभव हुआ तो आज दोपहर के बाद या सोमवार (25 मई) को फैसला सुनाएंगे.
2021 में जमानत मिल चुकी
पिछली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को पांच साल हो चुके है? किसी आरोपी को कितने साल तक जेल में रखा जा सकता है? अदालत ने आरोपित की तरह से मुकदमे में देरी के आधार पर दलीलें दिए जाने के बाद यह सवाल पूछा था.
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि इस मामले में शामिल कई आरोपियों को देरी के आधार पर वर्ष 2021 में जमानत मिल चुकी है. जिनमें सह-आरोपी देवांगना कलिता, आसिफ इकबाल तन्हा और नताशा नरवाल शामिल है.
मामले में कुल 700 गवाह
उन्होंने कहा था कि तस्लीम अहमद पिछले पांच साल से जेल में बंद है. 24 जून 2020 को उसे गिरफ्तार किया गया था. ट्रायल खत्म होने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है. इस मामले में 700 गवाह है, लिहाजा जमानत दे दिया जाए. उन्होंने कहा था अहमद के मुकदमें अन्य आरोपियों से अलग है. उन्होंने यह भी कहा था कि पिछले साल से अब तक पांच सह-आरोपियों ने आरोप पर दलीलें पूरी की हैं.
22 फरवरी 2024 को खारिज
तस्लीम अहमद, अब्दुल खालिद सैफी, शरजील इमाम, उमर खालिद, ताहिर हुसैन और अन्य के साथ 2020 के दिल्ली हिंसा के मामले की एक बड़ी साजिश में आरोपी हैं. इससे पहले उनकी नियमित जमानत याचिका को कड़कड़डूमा कोर्ट ने 22 फरवरी 2024 को खारिज कर दिया था.
जिसमें उन्होंने सह-आरोपियों नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ इकबाल तन्हा के साथ समानता के आधार पर जमानत मांगी थी. लेकिन कोर्ट ने अहमद की ओर से दी गई सभी दलीलों को दरकिनार करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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