CNG Price Hike: दिल्ली-एनसीआर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले ही तीन बार बढ़ चुकी हैं और अब CNG भी महंगी हो गई है. नई दरों के मुताबिक CNG की कीमत 1 रुपये प्रति किलो बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों की ईंधन लागत और बढ़ गई है.
परिवहन सेवाओं पर असर
CNG महंगी होने का सीधा असर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कैब सेवाओं पर पड़ेगा. लाखों लोग रोजाना इन वाहनों पर निर्भर रहते हैं. ड्राइवरों का कहना है कि पहले से ही कमाई सीमित है और बार-बार कीमतें बढ़ने से काम चलाना मुश्किल हो रहा है. कई चालकों ने सरकार से राहत या सब्सिडी की मांग की है.
उपभोक्ताओं की जेब पर दबाव
दिल्ली में पहले से ही पेट्रोल-डीजल महंगे हैं. ऐसे में CNG की कीमत बढ़ने से आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता और रोजमर्रा के कामों के लिए CNG वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोग सीधे प्रभावित होंगे.
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई की अनिश्चितता घरेलू स्तर पर भी असर डाल रही है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का असर सीधे घरेलू बाजार पर दिखाई देता है.
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महंगाई का खतरा
CNG महंगी होने से सिर्फ परिवहन ही नहीं बल्कि माल ढुलाई और जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सब्जियों, फलों और रोजमर्रा के सामान महंगे होने की आशंका है. अगर आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें स्थिर नहीं हुईं तो महंगाई का दबाव और बढ़ेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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