दिल्ली शराब नीति मामले में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर सीबीआई की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने सुनवाई में भाग लेने का फैसला लिया है. अब इस मामले में जस्टिस मनोज जैन की बेंच सुनवाई करेगी.
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की तरफ से तीन वकालतनामे फाइल किए गए हैं. कोर्ट 16 जुलाई को इस मामले में सुनवाई करेगा. अदालत ने कहा कि उस दिन वह मामले की सुनवाई के शेड्यूल तय किया जाएगा. दरअसल पहले जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा सुनवाई कर रही थी. जिसके चलते पक्षपात का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने चल रही कार्रवाई का बॉयकॉट किया था. लेकिन अपने उनके केस की सुनवाई से अलग होने के बाद तीनों ने केस की सुनवाई भी शामिल होने का फैसला किया है.
कोर्ट ने सभी पक्षों की मौजूदगी सुनिश्चित करने पर दिया जोर
सीबीआई ने निचली अदालत द्वारा केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोपमुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है. कोर्ट ने कहा था कि चूंकि मामला ट्रांसफर होकर उनके पास आया है, और अभी संबंधित पक्ष अदालत में पेश नही हुआ है. मामले की सुनवाई के दौरान एजेंसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को जानकारी दे दिया जाए, ताकि यदि वे अदालत में पेश होना चाहें तो उपस्थित हो सके. कोर्ट ने कहा था कि आदर्श स्थिति यही होगी कि सभी पक्ष अदालत में मौजूद हों और सबकी बात सुनी जाए. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि मामला पहले ही अखबारों में आ चुका है, इसलिए माना जा सकता है कि संबंधित पक्षों को ट्रांसफर की जानकारी है, लेकिन फिर भी उन्हें नया नोटिस जारी गया. कोर्ट ने यह भी कहा था कि एक दो दिन आगे पीछे होने से कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन जब सभी पक्ष सामने होंगे तभी यह स्पष्ट होगा कि वे मौजूदा बेंच के समक्ष सुनवाई से संतुष्ट है या नहीं.
रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर पिछली सुनवाई टली
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा था कि किसी को भी न्यायिक प्रक्रिया को मजाक या जॉय राइड की तरह लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. मामले में निचली अदालत ने केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोप मुक्त कर दिया था. जिसके खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि रिकॉर्ड न मिलने के कारण अदालत ने सुनवाई को टाल दिया है.बता दें कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिख कर सुनवाई में पेश नही होने की बात कही है. पिछले दिनों हाई कोर्ट ने केजरीवाल सहित अन्य की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से खुद को अलग होने की मांग की गई थी.
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच कर रही थी मामले की सुनवाई
हालांकि केजरीवाल और सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि सुनवाई के दौरान उनके तरफ से कोई वकील पेश नही होगा. क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि उनको इस कोर्ट ने इंसाफ नही मिलेगा. यह मामला दिल्ली शराब नीति से जुड़ा है. जिस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया है. जिसपर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा सुनवाई कर रही है. पिछले दिनों कोर्ट ने केजरीवाल के उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें याचिका में कहा गया था कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से खुद को अलग होने की मांग की गई थी. सिसोदिया ने अपने पत्र में कहा कि मेरी तरफ से भी कोई वकील पेश नही होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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