Bharat Express DD Free Dish

इतिहास के ज्ञान की सीख से लेकर ‘सभ्यता के क्रैश कोर्स’ तक! भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री को ईरान ने किया गजब का ट्रोल

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे के बीच ईरानी दूतावासों ने सोशल मीडिया पर अमेरिका पर तीखे तंज कसे. भारत की ऐतिहासिक धरोहरों को लेकर शुरू हुई यह डिजिटल जंग अब इंटरनेट पर ‘Twitter War’ बन चुकी है…

भारत इन दिनों वैश्विक कूटनीति का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहां अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपनी बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय यात्रा(Marco Rubio’s Visit to India) पर हैं. लेकिन इस हाई-प्रोफाइल दौरे के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक ऐसी अतरंगी और तीखी खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया का तापमान सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.

अमेरिकी विदेश मंत्री भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का दीदार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान ने इसे अमेरिका को इतिहास और तहज़ीब सिखाने का जरिया बना लिया है. भारत की धरती पर चल रहे इस कूटनीतिक दौरे के बीच ट्विटर (X) पर अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐसा ‘महासंग्राम’ छिड़ गया है, जिसे देखकर पूरी दुनिया के सोशल मीडिया यूजर्स मजे ले रहे हैं.

भारत की सरजमीं पर ईरान के तीखे बाण(US-Iran Twitter War)

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो जब भारत की प्राचीन विरासतों, वास्तुकला और ऐतिहासिक स्मारकों का दौरा कर तस्वीरें साझा कर रहे हैं, तो ईरान के राजनयिक हैंडल उन पर घात लगाकर बैठे हैं. ईरानी दूतावास और वहां के सोशल मीडिया हैंडल्स ने रुबियो के हर कदम पर अमेरिका की दुखती रग पर हाथ रखना शुरू कर दिया है.

 

ईरान ने तंज कसते हुए कहा है कि जो अमेरिका हर वक्त प्रतिबंधों और धमकियों की भाषा बोलता है, उसके शीर्ष कूटनीतिज्ञों को पुरानी और समृद्ध सभ्यताओं के सामने आकर खुद को इतिहास के पन्नों में झांकने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

मुंबई से हैदराबाद तक ईरानी दूतावासों का हमला

इस डिजिटल कूटनीतिक जंग (US-Iran Twitter War) में ईरान के अलग-अलग वाणिज्य दूतावासों ने मोर्चा संभाल रखा है. जब 23 मई को मार्को रुबियो ने भारत में कदम रखा, तभी ‘Iran in Mumbai’ ने अमेरिका की कूटनीति पर सीधा प्रहार करते हुए लिखा था कि थोड़ा सीख लो यार… ‘सभ्यता का क्रैश कोर्स’ फ्री में मिल जाएगा!

 

इसके बाद जैसे ही अमेरिकी शिष्टमंडल भारत की ऐतिहासिक धरोहरों के बीच पहुंचा, तो ‘Iran in Hyderabad’ ने भी तंज कस दिया कि अगर अमेरिका को इतिहास और वास्तुकला की थोड़ी भी समझ होती, तो वे इन प्राचीन सभ्यताओं के हुनर के सामने खड़े होने से पहले अपनी नीतियों पर शर्मिंदा होते.

ये भी पढ़ें-चायवाले का संकल्प: मोदी युग के 12 साल पूरे, वो 10 फैसले जिन्होंने बदल दिया देश

क्यों भिड़ गए दोनों देश?

इस कूटनीतिक महासंग्राम के पीछे गहरा भू-राजनीतिक तनाव (US-Iran Twitter War) छिपा हुआ है. दरअसल, अमेरिका और ईरान के रिश्ते दशकों से बेहद तल्ख रहे हैं. ईरान इस बात से चिढ़ा हुआ है कि अमेरिका अक्सर पश्चिम एशियाई देशों की प्राचीन संस्कृति और संप्रभुता को चोट पहुंचाने की कोशिश करता है.

अब जब अमेरिकी विदेश मंत्री भारत जैसी एक और महान और प्राचीन सभ्यता के मेहमान(Marco Rubio’s Visit to India) बने हैं, तो ईरान को अमेरिका की ‘सांस्कृतिक कंगाली’ पर चोट करने का सबसे बेहतरीन मौका मिल गया है. ईरान लगातार यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि बंदूकों और प्रतिबंधों के दम पर दुनिया चलाने वाले अमेरिका का अपना इतिहास इन प्राचीन धरोहरों के सामने बेहद नया और छोटा है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read