Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका; 28% GST का फैसला बरकरार, याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% जीएसटी लगाने के फैसले को बरकरार रखते हुए संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है.

Supreme Court

ऑनलाइन गेमिंग कम्पनियों पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर जीएसटी लगाने के फैसले को बरकरार रखा है. साथ ही कोर्ट ने संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि स्किल आधारित खेल भी जीएसटी के दायरे में आ जाते हैं. क्योंकि अनिश्चित परिणामों पर पैसा दांव पर लगाया जाता है.

सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि सरकार को 22 अप्रैल तक जवाब दाखिल कर देना चाहिए था. यह याचिका ई- गेमिंग फेडरेशन की ओर से दायर की गई है.इसमें ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार की ओर से 28 फीसदी टैक्स लगाने का विरोध किया गया था.

पिछली सुनवाई में सीजेआई ने नौ हाइकोर्ट में लंबित सभी 27 याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कर लिया था. गेम्सक्राफ्ट, ड्रीम 11, गेम्स 24×7 और हेड डिजिटल वर्क्स सहित कई ऑनलाइन गेमिंग कम्पनियों ने भी जीएसटी लगाये जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को 1.5 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी नोटिस दिया गया था.

कंपनियों को पुराने बकाया टैक्स का भुगतान भी करना होगा

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा था. ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने कहा था कि जीएसटी की नई दर 1 अक्टूबर 2023 तक मानी जाए. वही, इस मामले में सरकार का कहना था कि ऑनलाइन गेमिंग पर 28 फीसदी जीएसटी अभी नया नही है. पहले से ही मौजूद है. यही कारण है कि कंपनियों को पुराना बकाया भी चुकाना होगा.

गौरतलब है कि पिछले साल जीएसटी काउंसिल की बैठक में कैसिनो, ऑनलाइन गेमिंग और हॉर्स रेसिंग पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने का ऐलान हुआ था. ऐलान से पहले तक ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो और हॉर्स रेसिंग पर 18 फीसदी जीएसटी लिया जाता था. अक्टूबर 2023 में ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 1.12 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए थे.

ये भी पढ़ें- EC नियुक्ति मामला: CJI को चयन समिति से हटाने वाले कानून पर SC में सुनवाई टली

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital