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अमेरिका-स्पेन संबंधों में बढ़ी तल्खी! चीनी कंपनियों के दखल पर भड़का अमेरिका

US Spain Relations: स्पेन में अमेरिका के राजदूत बेंजामिन लियोन ने स्पेन से टेलीकम्युनिकेशन, डेटा मैनेजमेंट और रक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चीन के शामिल होने को लेकर बहुत सावधान रहने को कहा है. बेंजामिन लियोन ने चेतावनी दी कि रणनीतिक क्षेत्रों में चीन की बढ़ती मौजूदगी सुरक्षा, तकनीक और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खतरा पैदा कर सकती है.

US Spain Relations

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US Spain Relations: स्पेन में अमेरिका के राजदूत बेंजामिन लियोन ने स्पेन से टेलीकम्युनिकेशन, डेटा मैनेजमेंट और रक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चीन के शामिल होने को लेकर बहुत सावधान रहने को कहा है.

फरवरी में दफ्तर संभालने के बाद पहली बार पब्लिक में दिखे बेंजामिन लियोन ने चेतावनी दी कि रणनीतिक क्षेत्रों में चीन की बढ़ती मौजूदगी सुरक्षा, तकनीक और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खतरा पैदा कर सकती है. ग्रीक मीडिया आउटलेट टोविमा ने बुधवार को बताया कि उन्होंने चीनी तकनीकी फर्म हुआवेई के साथ काम करने वाली कंपनियों को पब्लिक कॉन्ट्रैक्ट देने पर चिंता जताई, जिसे अमेरिकी सुरक्षा रिस्क मानता है.

चीन के दखल को रोकना जरूरी

ग्रीक मीडिया आउटलेट टोविमा ने लियोन के हवाले से कहा,

मुझे नहीं लगता कि यह उस स्तर की सुरक्षा है जिस पर स्पेन और अमेरिका जानकारी साझा कर रहे हैं. स्पेन चीन के साथ आर्थिक संबंध बनाए रख सकता है.” हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी माने जाने वाले क्षेत्रों में चीन के दखल को रोकने के लिए सेफगार्ड जरूरी हैं.

बेंजामिन लियोन ने कहा कि अगर स्पेन यह सुनिश्चित करता है कि चीन को जरूरी इलाकों से दूर रखा जाए, तो बातचीत क्यों नहीं हो सकती? लेकिन मैं देख रहा हूं कि वे जरूरी इलाकों में घुसना शुरू कर रहे हैं और स्पेन को इस बारे में बहुत सावधान रहना चाहिए.

टोविमा की रिपोर्ट के अनुसार, राजदूत लियोन ने चेतावनी दी कि चीन जरूरी तकनीक पर कब्जा करना चाहता है और सप्लाई चेन, वैज्ञानिक शोध और सुरक्षा के लिए गलत व्यापार अभ्यास और आर्थिक दबाव खतरा पैदा करते हैं.

अमेरिका और स्पेन के संबंधों के बीच तनाव

लियोन का यह बयान रक्षा खर्च और भू-राजनीतिक मुद्दों को लेकर अमेरिका और स्पेन के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है. स्पेन और अमेरिका के बीच संबंध तब प्रभावित हुए हैं जब अमेरिका ने रक्षा खर्च को ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीडीपी) के 5 फीसदी तक बढ़ाने के नाटो के वादे का समर्थन करने से इनकार कर दिया था.

मार्च की शुरुआत में, ईरान के साथ लड़ाई से जुड़े ऑपरेशन के दौरान स्पेन ने अमेरिका को अपने सैन्य बेस और एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने दिया था. स्पेनिश न्यूज एल पैस ने बताया कि ईरान पर हमले के लिए सैन्य समर्थन देने से स्पेन के मना करने पर पेंटागन ने मोरोन डे ला फ्रोंटेरा (सेविले) और रोटा (कैडिज) के बेस पर तैनात एक दर्जन केसी-135 टैंकर एयरक्राफ्ट वापस बुला लिए.

स्पेन में मौजूद हैं अमेरिकी सैनिक

एल पेस की रिपोर्ट के अनुसार, उस समय स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने कहा था कि वाशिंगटन के साथ सहयोग समझौता, जो स्पेन में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी का आधार है, उसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत काम करना चाहिए. उन्होंने मौजूदा कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र, नाटो और यूरोपीय संघ जैसे बहुपक्षीय संगठनों के समर्थन के बिना की जा रही एकतरफा कार्रवाई बताया था.

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रोबल्स ने कहा कि बेस तब तक समर्थन नहीं देंगे जब तक यह मानवीय नजरिए से जरूरी न हो. जब तक कोई समाधान नहीं निकलता, यह संधि लागू नहीं होगी.

-भारत एक्सप्रेस



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