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राजस्थान के सरकारी अस्पताल में फिर बड़ी लापरवाही, डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला को चढ़ाई एक्सपायरी ड्रिप

राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और चिकित्सा लापरवाही के मामलों के बाद अब डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से चौंकाने वाली घटना सामने आई है.

राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. कोटा मेडिकल कॉलेज में हाल ही में सामने आए मामलों की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब डूंगरपुर से एक ऐसा मामला आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है. यहां एक मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी डेट की ड्रिप चढ़ा दी गई, जिसे समय रहते परिजनों ने पकड़ लिया और बड़ा हादसा टल गया.

यह पूरा मामला डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज से जुड़े श्री हरिदेव जोशी जिला अस्पताल के महिला सर्जिकल वार्ड का है. जानकारी के मुताबिक, राजपुर की रहने वाली 30 वर्षीय अपेक्षा यादव को 27 मई को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच के दौरान डॉक्टरों ने अपेंडिक्स की समस्या बताई, जिसके बाद उनका ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन सफल रहने के बाद महिला को रिकवरी के लिए वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था.

घटना उस वक्त सामने आई जब शुक्रवार सुबह नर्सिंग स्टाफ की ओर से मरीज को सोडियम क्लोराइड और ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाई जा रही थी. महिला के पति नरेश यादव, जो डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व पार्षद भी रह चुके हैं, सुबह करीब 7:30 बजे अस्पताल पहुंचे. इसी दौरान उनकी नजर ड्रिप की बोतल पर लिखी एक्सपायरी डेट पर गई.

जांच करने पर पता चला कि ड्रिप की एक्सपायरी मार्च 2026 दर्ज थी, जबकि वर्तमान समय मई 2026 चल रहा है. यह देखते ही परिजनों ने तुरंत सवाल उठाए और अस्पताल स्टाफ से जवाब मांगा. इसके बाद मामला अस्पताल प्रशासन तक पहुंचा और वहां हड़कंप मच गया. आनन-फानन में नर्सिंग स्टाफ ने ड्रिप हटाई.

अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं. अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि एक्सपायरी ड्रिप अस्पताल के स्टॉक में कैसे पहुंची और मरीज तक कैसे भेज दी गई.

साथ ही, अस्पताल में मौजूद दवाओं और मेडिकल सप्लाई की पूरी ऑडिट प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा ना हो.

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-भारत एक्सप्रेस



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