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नहीं बेचा गया RBI से सोना! खुद बैंक ने बताया खजाने का गोल्ड गणित

RBI Gold Reserve News: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह फर्जी बताया है जिनमें दावा किया गया था कि भारत ने 12 अरब डॉलर का सोना बेच दिया है. PIB फैक्ट चेक ने बताया कि देश का 880.52 टन गोल्ड रिजर्व पूरी तरह सुरक्षित है.

RBI Gold Reserve News: पूरे देश और आर्थिक जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यह खबर आग की तरह फैली कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां खरीदने के लिए अपने खजाने से 12 अरब डॉलर का सोना बेच दिया है. ‘देश का खजाना खाली’ होने की इन अफवाहों ने आम आदमी से लेकर बड़े निवेशकों तक की धड़कनें तेज कर दीं. लेकिन अब खुद RBI और सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी (PIB) ने सामने आकर इस ‘फेक न्यूज’ की धज्जियां उड़ा दी हैं.

कहां से उड़ी ‘सोना बेचने’ की खबर?

बाजार में इस खौफनाक चर्चा की शुरुआत एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट से हुई थी. इसमें ‘ब्लूमबर्ग’ का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि RBI ने 22 मई तक के दो सप्ताह के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है. जैसे ही यह रिपोर्ट सामने आई, सोशल मीडिया पर कयासों और दावों का बाजार गर्म हो गया.

RBI का करारा जवाब

इन बेसिर-पैर की बातों पर फुल स्टॉप लगाते हुए रिजर्व बैंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर स्पष्टीकरण जारी किया. केंद्रीय बैंक ने दो-टूक शब्दों में कहा कि उसके पास मौजूद भौतिक सोने का भंडार पहले की तरह 880.52 टन पर ही स्थिर है. इसमें एक ग्राम की भी कमी नहीं आई है. बैंक ने लोगों से अपील की है कि वे विदेशी मीडिया की ऐसी भ्रामक रिपोर्ट्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, बल्कि सच्चाई जानने के लिए RBI के मासिक बुलेटिन को पढ़ें जो आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है.

घटने के बजाय और बढ़ रहा है सोने का भंडार

इस पूरे बवाल पर प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक यूनिट ने भी मोर्चा संभाला और दावों को ‘पूरी तरह फर्जी’ करार दिया. आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि भारत सोना बेच नहीं रहा है, बल्कि विदेशी मुद्रा भंडार में उसकी हिस्सेदारी लगातार मजबूत हो रही है.

  • सितंबर 2025: सोने की हिस्सेदारी 13.92 प्रतिशत थी.
  • 31 मार्च 2026: यह बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई.
  • 22 मई 2026: अब यह शानदार 16.85 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है.

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अफवाहों से रहें सावधान

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि डिजिटल युग में एक छोटी सी गलत रिपोर्ट कैसे पूरे देश की अर्थव्यवस्था को लेकर पैनिक पैदा कर सकती है. हालांकि, RBI और PIB की त्वरित कार्रवाई ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है. देशवासियों और निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि भारत का सोना न सिर्फ पूरी तरह सुरक्षित है, बल्कि हमारा खजाना पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है.



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