INDIA Bloc meeting: देश में जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे राजधानी दिल्ली की राजनीति भी गर्म होती नजर आ रही है. नई दिल्ली में इन दिनों हलचल तेज है और हर नजर आगामी रणनीतिक बैठकों पर टिकी हुई है. इसी कड़ी में 8 जून को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने जा रही ‘इंडिया ब्लॉक’ की अहम बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां 2029 लोकसभा चुनाव की दिशा और दशा तय करने को लेकर मंथन होने की संभावना है.
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में कई बड़े विपक्षी नेता शामिल हो सकते हैं, जिनमें ममता बनर्जी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे जैसे नाम प्रमुख हैं. बैठक का मुख्य एजेंडा भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करना और आगे की राजनीतिक रणनीति तय करना होगा.
DMK नहीं तो TVK होगी शामिल
तमिलनाडु की राजनीति में हाल ही में बने नए समीकरण के बाद सबकुछ बदलता दिख रहा है. डीएमके और कांग्रेस ने राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ा था, लेकिन नतीजों के बाद स्थिति बदल गई. बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन में समर्थन दिया, जिसके बाद अभिनेता से मुख्यमंत्री बने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में एक नया राजनीतिक गठबंधन सामने आया. इस फैसले को डीएमके ने कांग्रेस का “विश्वासघात” करार दिया है.
वहीं कांग्रेस का कहना है कि उसने टीवीके का समर्थन इसलिए किया ताकि राज्य में धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाई जा सके, क्योंकि मतदाताओं ने नवगठित टीवीके को 234 में से 107 सीटें दी थीं. इन घटनाक्रमों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं, और टीवीके के 8 जून की इंडिया ब्लॉक बैठक में शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है. और साथ ही DMK इस बैठक में शामिल नहीं होगी.
AAP भी नहीं होगी शामिल
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में आम आदमी पार्टी (AAP) शामिल नहीं होगी, क्योंकि उसने पहले ही इस गठबंधन से दूरी बना ली है. हालांकि, महबूबा मुफ्ती (पीडीपी) ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी संकेत दिया है कि उनकी पार्टी से कोई वरिष्ठ नेता इस बैठक में भाग ले सकता है.
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बंगाल और जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर होगी चर्चा
बैठक में पश्चिम बंगाल में कथित राजनीतिक हिंसा और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है. ममता बनर्जी अपने राज्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की तैयारी में हैं. कुल मिलाकर यह बैठक विपक्षी एकता को मजबूत करने और आने वाले चुनावों के लिए साझा रणनीति बनाने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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