Sant Devanand Maharaj: सवाई माधोपुर/नरेंद्र: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के सुरवाल थाना क्षेत्र के चाणक्य दह आश्रम में हजारों भक्तों और साधु-संतों की मौजूदगी में संत देवानंद महाराज को आज समाधि दी गई. पूरे आश्रम परिसर में भावुक माहौल देखने को मिला.
ट्रैक्टर-ट्रॉली से निकली अंतिम यात्रा
समाधि देने से पहले संत देवानंद महाराज की पार्थिव देह को आश्रम परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर अंतिम यात्रा निकाली गई. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, भक्त और संत समाज के लोग शामिल हुए. सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी. इसके बाद आश्रम परिसर में ही विधि-विधान के साथ समाधि दी गई.
कोटा मठ में हुई थी हत्या
संत देवानंद महाराज मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के रजमाना गांव के रहने वाले थे. उन्होंने वर्षों पहले गृहस्थ जीवन छोड़कर संन्यास लिया था. वे कोटा के चंद्रेशल मठ और चाणक्य दह आश्रम से जुड़े हुए थे. बताया गया कि शुक्रवार रात को कोटा स्थित चंद्रेशल मठ में कुछ लोगों ने उन पर चाकुओं से हमला कर उनकी हत्या कर दी थी. घटना के बाद पूरे संत समाज और उनके अनुयायियों में आक्रोश फैल गया.
घटना के बाद संत समाज और भक्तों ने विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. इस दौरान प्रशासन से पांच प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, स्मारक निर्माण और शैक्षणिक संस्थानों का नामकरण शामिल था. लंबी बातचीत के बाद प्रशासन ने सभी मांगों पर सहमति जताई, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया.
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पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की हैं. कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि हत्या के पीछे का असली कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है. जांच जारी है. संत के भक्तों और अनुयायियों का कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. वे न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रशासन पर दबाव बनाए हुए हैं और चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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