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International Yoga Day: एक हज़ार दिनों की योग साधना का उत्सव: गांधी मंडेला फाउंडेशन ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

लगातार चौथे वर्ष आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम में खेल, प्रशासन, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लेकर आयोजन की गरिमा को बढ़ाया।

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राजधानी दिल्ली के हौज़ खास स्थित डियर पार्क में गांधी मंडेला फाउंडेशन द्वारा भारत भारती एवं नवचेतना फाउंडेशन के सहयोग से एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन कई मायनों में विशेष रहा, क्योंकि फाउंडेशन की लोकप्रिय पहल “योग शाखा” अपने 1000 दिनों के ऐतिहासिक पड़ाव के निकट पहुँच गई है, जिसे उपस्थित लोगों ने उत्साह और गर्व के साथ मनाया। लगातार चौथे वर्ष आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम में खेल, प्रशासन, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लेकर आयोजन की गरिमा को बढ़ाया।

मानवता को शांति और संतुलन का संदेश देता है योग

मुख्य अतिथियों में ओलंपियन एवं अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के सुपुत्र अशोक कुमार ध्यानचंद, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व विशेष निदेशक एवं जीएसटी परिषद के पूर्व सदस्य एस.के. पांडा, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं भारत भारती के उत्तर भारत प्रभारी मोहम्मद इरफ़ान अहमद, इंडियन पैरालिंपिक एसोसिएशन के मुख्य परिचालन अधिकारी विवेक जी तथा गांधी मंडेला फाउंडेशन के अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। अपने संबोधन में मोहम्मद इरफ़ान अहमद ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवन-पद्धति है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में योग की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है और यह पूरी मानवता को स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का संदेश देता है। ओलंपियन अशोक कुमार ध्यानचंद ने योग और खेलों के गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग खिलाड़ियों की एकाग्रता, सहनशक्ति और प्रदर्शन क्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने युवाओं को नियमित योग अपनाने की प्रेरणा दी। पूर्व विशेष निदेशक एस.के. पांडा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया ने सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है। उन्होंने नई पीढ़ी से आह्वान किया कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।

चार वर्षों से निरंतर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

कार्यक्रम के संयोजक एवं गांधी मंडेला फाउंडेशन के प्रमुख महासचिव एडवोकेट डॉक्टर नंदन झा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि फाउंडेशन पिछले चार वर्षों से निरंतर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन कर रहा है। “योग शाखा” के 1000 दिनों का यह महत्वपूर्ण पड़ाव इस बात का प्रमाण है कि समाज में स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उनके प्रयास निरंतर सफल हो रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी योग के माध्यम से स्वास्थ्य, जनकल्याण, भाईचारा, राष्ट्रीय एकता और मानवता की सेवा के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। डियर पार्क में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उत्सव बना, बल्कि समाज को स्वस्थ और सकारात्मक दिशा देने वाले एक जनआंदोलन के रूप में भी यादगार साबित हुआ।

-भारत एक्सप्रेस



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