Mundra International Airport
Mundra International Airport: गुजरात के मुंद्रा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने मंगलवार (23 जून) को कमर्शियल उड़ान सेवाओं की शुरुआत कर दी. पहली यात्री उड़ान की सफल लैंडिंग के साथ ही अडानी समूह (Adani Group) का यह एयरपोर्ट अब नियमित वाणिज्यिक उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार हो गया है. यह उपलब्धि मुंद्रा एयरपोर्ट के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है.
इस मौके पर अडानी एयरपोर्ट्स के डायरेक्टर जीत अडानी (Jeet Adani) ने कहा कि मुंद्रा एयरपोर्ट का संचालन शुरू होना अडानी समूह और क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार की उड़ान (UDAN) योजना और विभिन्न नियामकीय मंजूरियों के रिकॉर्ड समय में मिलने से यह परियोजना तेजी से पूरी हो सकी. बंसल के मुताबिक, एयरपोर्ट के शुरू होने से मुंद्रा की देश के बाकी हिस्सों के साथ कनेक्टिविटी मजबूत होगी और इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी.
उन्होंने कहा, “मुंद्रा हमारी कर्मभूमि है, यह एयरपोर्ट मुंद्रा को देश के अन्य शहरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यहां रहने और काम करने वाले लोग इस नई सुविधा को लेकर बेहद उत्साहित हैं और हम भविष्य में और बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद कर रहे हैं.”
अडानी एयरपोर्ट का होगा विस्तार
एयरपोर्ट सेक्टर में अडानी समूह की भविष्य की योजनाओं पर जीत अडानी ने कहा कि कंपनी देश में आने वाली नई एयरपोर्ट बिडिंग प्रक्रियाओं में गंभीरता से भाग लेगी. हालांकि उन्होंने किसी निश्चित संख्या का लक्ष्य बताने से इनकार किया, लेकिन कहा कि अडानी समूह भारत की एविएशन इकोनॉमी में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ाना चाहता है.
अडानी ने बताया कि अडानी समूह ने अपने एयरपोर्ट कारोबार के लिए करीब 90 हजार करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश की दीर्घकालिक योजना बनाई है और यह निवेश कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा. वर्तमान में समूह के पास देश के कई प्रमुख एयरपोर्ट्स का संचालन है और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जुड़ने के बाद इसकी मौजूदगी और मजबूत होगी.
क्षेत्रीय उड़ानों पर रहेगा फोकस
मुंद्रा एयरपोर्ट से शुरुआती चरण में स्टार एयर की उड़ानें संचालित होंगी. फिलहाल मुंबई, सूरत, हिंडन और गोवा जैसे शहरों के लिए कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, जबकि अहमदाबाद के लिए भी जल्द सेवाएं शुरू होने की तैयारी है.
जीत अडानी ने कहा कि अभी एयरपोर्ट पर क्षेत्रीय उड़ानों पर जोर रहेगा. मांग बढ़ने के साथ भविष्य में बड़े विमानों और अधिक एयरलाइंस को जोड़ने की संभावना है. उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में विमानन उद्योग वैश्विक सप्लाई चेन चुनौतियों से गुजर रहा है, इसलिए एयरलाइंस के लिए अतिरिक्त नैरो-बॉडी विमान उपलब्ध कराना आसान नहीं है.
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पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
डायरेक्टर जीत अडानी का मानना है कि मुंद्रा एयरपोर्ट से तीन तरह की मांग पैदा होगी. पहला, अडानी समूह और उससे जुड़े उद्योगों के कर्मचारियों व भागीदारों की यात्रा जरूरतें पूरी होंगी. दूसरा, क्षेत्र के व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. तीसरा, कच्छ और मांडवी बीच जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी.
उन्होंने कहा कि अब तक मुंद्रा से मुंबई जैसे शहरों तक पहुंचने के लिए लोगों को भुज जाकर उड़ान पकड़नी पड़ती थी, लेकिन सीधी उड़ान सेवा शुरू होने से यात्रा काफी आसान हो जाएगी. इससे कच्छ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
-भारत एक्सप्रेस
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