तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्टी के बैंक खातों में संदिग्ध फंड ट्रांसफर मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की अलग-अलग टीमों ने कोलकाता में एक साथ 5 ठिकानों पर छापेमारी की है. यह ताबड़तोड़ छापेमारी सॉल्ट लेक, राजारहाट और राधाबाजार इलाके में केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में चल रही है.
चुनाव में चार्टर्ड प्लेन के इस्तेमाल का शक
ईडी की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ एक प्रमुख विमानन (एविएशन) एजेंसी के निदेशक के घर और दफ्तर पहुंची है. इसके साथ ही ईडी के अधिकारी राजारहाट और राधाबाजार स्थित ‘केयरवेल एविएशन’ के कार्यालयों में भी सघन छापेमारी कर रहे हैं. इस जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस के फंड से इस कंपनी के विमान किराए पर लिए गए थे.
शुरुआती जांच और दस्तावेजों से पता चला है कि इसी कंपनी के प्राइवेट विमानों और चार्टर्ड विमानों का उपयोग चुनाव के दौरान टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और पार्टी के अन्य बड़े नेताओं ने किया था. फिलहाल, सॉल्ट लेक में रहने वाले कंपनी के दो निदेशकों पवन जाजू और राजेश जाजू के आवास पर ईडी की टीम मौजूद है, जहां दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है.
खंगाले जा रहे हैं डिजिटल रिकॉर्ड
ईडी की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 150 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि एविएशन और ट्रैवल कंपनियों के जरिए कथित रूप से संदिग्ध उद्देश्यों के लिए ट्रांसफर की गई थी. केंद्रीय एजेंसी इस पूरे फंड फ्लो और उससे जुड़े तमाम लेनदेन (ट्रांजैक्शंस) की बारीकी से जांच कर रही है. ईडी को पुख्ता आशंका है कि इन संस्थाओं के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को अंजाम दिया गया. ईडी के अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पार्टी के खातों से ट्रांसफर हुए पैसों का वास्तविक इस्तेमाल किस तरह और कहां हुआ. इसके लिए मौके पर मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है.
ये भी पढ़ें: अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में गुजरात हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; 38 दोषियों की फांसी की सजा बरकरार
पूर्व कोषाध्यक्ष की शिकायत के बाद खुला था मामला
इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल बेहद तेज हो गई है. बता दें कि यह पूरा मामला तब सामने आया था, जब टीएमसी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने खुद कुछ बैंक खातों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी. इसके बाद इन खातों में वित्तीय गड़बड़ी की आधिकारिक शिकायत भी दर्ज हुई थी. इसी शिकायत के आधार पर जांच एजेंसियों ने इन संदिग्ध खातों की जानकारी जुटानी शुरू की और जांच का दायरा बढ़ता चला गया. फिलहाल ईडी का यह तलाशी अभियान जारी है और मामले में आगे कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

