सुप्रीम कोर्ट ने आगामी एशियाई खेलों (एशियन गेम्स) के लिए भारत की ड्रेसेज घुड़सवारी टीम के चयन को लेकर उपजे विवाद पर एक बड़ा फैसला लिया है. भारतीय घुड़सवारी महासंघ (EFI) की चयन प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से माननीय जस्टिस केवी विश्वनाथन ने खुद को अलग (रिक्यूज) कर लिया है. जस्टिस विश्वनाथन के हटने के बाद अब दूसरी विशेष बेंच इस मामले में कल यानी 10 जुलाई को सुनवाई करेगी.
जस्टिस अमानुल्लाह की मुस्कुराते हुए टिप्पणी
मामले की तात्कालिकता और गंभीरता को देखते हुए जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने स्पष्ट किया कि इसे कल ही (10 जुलाई को) कोर्ट में लिस्ट किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने मुस्कुराते हुए इस खेल के प्रति अपनी रुचि जाहिर करते हुए कहा था, “ओह यह मेरा पसंदीदा खेल है.” यह पूरा कानूनी विवाद भारतीय ड्रेसेज राइडर्स अनुष अगरवाला और सुदीप्ति हजेला को मुख्य टीम में जगह देने के बजाय ‘रिजर्व’ (आरक्षित) सूची में रखने से जुड़ा हुआ है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने दखल से किया था इनकार
इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया था. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में दलील दी थी कि 15 जुलाई तक एशियाई खेलों के लिए अंतिम भारतीय टीम की सूची भेजनी अनिवार्य है; ऐसे में यदि इस समय दोबारा से चयन प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो प्रतियोगिता में भारत की आधिकारिक भागीदारी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. हालांकि, अदालत ने भविष्य के लिए ईएफआई को अपने नियमों का सख्ती से पालन करने का कड़ा निर्देश भी दिया था.
क्या है मुख्य विवाद?
यह विवाद मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि चयन नियमों का सही अर्थ कैसे निकाला जाए और क्या अंतिम मेरिट सूची तैयार करते समय अनुष अगरवाला के कुछ विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के स्कोर को गिना जाना चाहिए था या नहीं.
विवाद का मुख्य बिंदु राइडर अनुष अगरवाला द्वारा दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं— जर्मनी में आयोजित ‘सीडीआई हेगन’ (22-26 अप्रैल) और बेल्जियम में आयोजित ‘सीडीआई लियर’ (20-24 मई) में हासिल किए गए स्कोर की गणना करने के तरीके पर ही टिका हुआ है.
खेल विशेषज्ञों के तकनीकी फैसलों में कोर्ट नहीं करेगा हस्तक्षेप
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने पिछले फैसले में स्पष्ट कहा था कि भारतीय घुड़सवारी महासंघ (EFI) द्वारा अपनाई गई पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष थी और तय चयन मानदंडों के बिल्कुल अनुरूप थी. अदालत ने यह भी साफ कर दिया था कि वह खेल विशेषज्ञों के तकनीकी फैसलों में तब तक कतई हस्तक्षेप नहीं करेगी, जब तक कि वह प्रक्रिया पूरी तरह तर्कहीन या मनमानी न पाई जाए.
इस प्रकार, कोर्ट ने न्यायिक समीक्षा (जुडिशियल रिव्यू) के अधिकार और खेल चयन के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता के बीच एक स्पष्ट और मजबूत रेखा निर्धारित की है. अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि यह कोर्ट की भूमिका नहीं है कि वह खेल विशेषज्ञों के निर्णय को अपने व्यक्तिगत निर्णय से बदले. इस मामले में जांच के दौरान ईएफआई को अपनी नीति का सही ढंग से पालन करते हुए पाया गया था, जिसके तहत राइडर्स को उनके ‘दो सर्वश्रेष्ठ वैध न्यूनतम पात्रता आवश्यकता स्कोर’ (MER) के आधार पर रैंक किया गया था.
16 जून 2026 की चयन सूची को दी गई है चुनौती
इन याचिकाओं में ईएफआई की तदर्थ (एड-हॉक) चयन समिति द्वारा 16 जून 2026 को जारी की गई आधिकारिक चयन सूची को सीधे चुनौती दी गई है. इस विवादित सूची में दोनों याचिकाकर्ताओं (अनुष अगरवाला और सुदीप्ति हजेला) को जापान में आयोजित होने वाले आगामी एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल की आरक्षित (रिजर्व) श्रेणी में रखा गया है.
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क्या होता है ड्रेसेज (Dressage) खेल?
बता दें कि ड्रेसेज घुड़सवारी का एक बेहद प्रतिष्ठित और कलात्मक खेल है. इसमें घुड़सवार और उसका घोड़ा एक निश्चित अखाड़े (एरीना) के भीतर पूरी तरह तालमेल बिठाकर, पूर्व निर्धारित और बेहद सटीक शारीरिक गतिविधियों की एक श्रृंखला का सजीव प्रदर्शन करते हैं.
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