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लद्दाख में लोकतांत्रिक ढांचे को मिलेगी नई मजबूती, सभी 7 जिलों में बनेंगी स्वायत्त हिल काउंसिल

Ladakh Hill Council: लद्दाख में जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है. केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने घोषणा की है कि अब लद्दाख के सभी सात जिलों में स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल का गठन किया जाएगा.

Ladakh Hill Council

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Ladakh Hill Council: लद्दाख में जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है. केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने घोषणा की है कि अब लद्दाख के सभी सात जिलों में स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल का गठन किया जाएगा. इस कदम को लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

13 जुलाई 2026 को लेह में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने बताया कि प्रशासन ने हर जिले में लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल यानी LAHDC बनाने का निर्णय लिया है. अभी तक निर्वाचित प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से लेह और कारगिल की मौजूदा हिल काउंसिलों तक सीमित था, लेकिन अब यह व्यवस्था नए बने जिलों तक भी पहुंचेगी.

अप्रैल 2026 में लद्दाख के जिलों की संख्या दो से बढ़ाकर सात कर दी गई थी. नए जिलों में शाम, नुब्रा, चांगथांग, जांस्कर और द्रास शामिल हैं. अब प्रशासन की योजना है कि इन सभी जिलों को अपने-अपने स्तर पर विकास और प्रशासनिक फैसले लेने की अधिक शक्ति दी जाए.

हर जिले के लिए अलग परिषद

LAHDC अधिनियम की धारा 3(1) के तहत सरकार अधिसूचना जारी कर हर जिले के लिए अलग परिषद गठित कर सकती है. इसके लिए आगे अधिनियम में जरूरी संशोधन और निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया जाएगा. प्रशासन के अनुसार, सभी सात परिषदों को समान अधिकार दिए जाएंगे.

इन परिषदों के पास भूमि स्वामित्व और भूमि आवंटन से जुड़े अधिकार होंगे. इसके अलावा जिला कैडर कर्मचारियों की भर्ती और पदोन्नति, अलग परिषद फंड का संचालन, कर और शुल्क लगाने का अधिकार तथा जिले की जरूरतों के हिसाब से विकास योजनाएं तैयार करने की शक्ति भी होगी.

ये हिल काउंसिल अपने-अपने जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, स्थानीय बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण जैसे अहम क्षेत्रों की निगरानी करेंगी. इससे उम्मीद है कि दूरदराज इलाकों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर तेजी से हो सकेगा.

प्रदेश स्तर की एक संस्था बनाने का प्रस्ताव

प्रशासन ने सातों काउंसिलों के ऊपर केंद्र शासित प्रदेश स्तर की एक संस्था बनाने का भी प्रस्ताव रखा है. इसे कस्टमाइज्ड आर्टिकल 371 फ्रेमवर्क के तहत विधायी, कार्यकारी, वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों के साथ तैयार करने की योजना है.

मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने कहा कि यह मॉडल देश में अपनी तरह का अलग और अनूठा होगा. इसमें मौजूदा शासन व्यवस्थाओं की बेहतर खूबियों को शामिल किया जाएगा. प्रस्तावित यूटी-स्तरीय संस्था की संरचना और अधिकारों को लद्दाख के प्रतिनिधियों और भारत सरकार के बीच बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा.

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प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि पंचायती राज संस्थाएं पहले की तरह काम करती रहेंगी. यानी गांव, जिला और केंद्र शासित प्रदेश- तीनों स्तरों पर निर्वाचित प्रतिनिधित्व बना रहेगा. इस फैसले से लद्दाख में स्थानीय शासन, विकास और जनता की भागीदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.

-भारत एक्सप्रेस



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