संजय/साउथ24परगाना: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में राजनीतिक हिंसा (Political Violence) का एक ऐसा रूह कंपा देने वाला और बर्बर मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर (Narendrapur) थाना क्षेत्र (पश्चिम निश्चितपुर पूर्वपाड़ा) में एक महिला भाजपा (BJP) समर्थक के साथ ‘तालिबानी’ तरीके से मारपीट की गई है. आरोप है कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थित लोगों ने महिला को सरेआम बिजली के खंभे से बांधा, बेरहमी से पीटा और सार्वजनिक रूप से उसके बाल काटकर उसका सिर मुंडवा दिया.
रोंगटे खड़े कर देने वाली दरिंदगी
पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत दिल दहला देने वाली है. आरोप है कि हमलावरों ने सिर्फ मारपीट और सिर मुंडवाने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा. उन्होंने महिला के गले में फंदा लगाकर उसकी जान लेने की कोशिश की, गला दबाया और यहां तक कि ब्लेड से उसकी जीभ काटने का भी खौफनाक प्रयास किया. यह पूरी घटना इलाके में खौफ का माहौल पैदा करने के लिए सरेआम अंजाम दी गई.
जमीन विवाद या सियासी रंजिश?
पीड़ित परिवार का दावा है कि इस खौफनाक सिलसिले की शुरुआत 3 सितंबर 2025 को एक जमीन विवाद को लेकर हुई थी. उस दिन महिला और उसके पति पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसके डर से परिवार अपना घर छोड़कर भाग गया था. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से 9 सितंबर को वे वापस अपने घर लौटे. लेकिन, आरोप है कि घर लौटने के बावजूद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं. कल (सोमवार) एक बार फिर आरोपियों ने उनके घर पर धावा बोल दिया और महिला के साथ इस खौफनाक दरिंदगी को अंजाम दिया.
‘पूर्व TMC विधायक’ के समर्थकों पर आरोप
पीड़ित परिवार ने इस पूरी दरिंदगी का आरोप सीधे तौर पर तृणमूल की पूर्व विधायक फिरदौसी बेगम (Firdausi Begum) के समर्थकों पर लगाया है. हालांकि, इस मामले में पूर्व विधायक की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. नरेंद्रपुर थाने में दी गई लिखित शिकायत में 11 लोगों को नामजद किया गया है. इनमें तौफी जुद्दीन सरदार, तारीफ उद्दीन सरदार, जयनाल गाजी, मुनमुन सरदार, मोमेना सरदार, आमेना सरदार, फरजिला गाजी, रानू गाजी, पिंकी बीबी, साबेरा बीबी और गोलो बीबी के नाम शामिल हैं.
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इलाके में भारी तनाव, पुलिस जांच में जुटी
इस बर्बर घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश फैल गया है. नरेंद्रपुर थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हालांकि, इन संगीन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से एक महिला के साथ यह ‘तालिबानी’ सलूक हुआ है, उसने एक बार फिर बंगाल की कानून व्यवस्था (Law and Order) और राजनीतिक गुंडागर्दी पर बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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