Iran US Conflict
Iran US Conflict: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग में दोनों पक्षों की तरफ से ताबड़तोड़ हमले किये जा रहे हैं. अमेरिका जहां ईरान के कई ठिकानों पर हमले किये, तो वहीं ईरान ने भी पलटवार करते हुए उसके एक मिलियन डॉलर ड्रोन को मार गिराया.
दूसरी तरफ ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने जॉर्डन, कुवैत, ओमान और अन्य देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल मारकर धुआं-धुआं कर दिया. ईरानी हमले में अमेरिका को भारी नुकसान हुआ है.
इसके साथ ही IRGC ने दावा किया कि उसने खुजेस्तान प्रांत में एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया. रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है. हालांकि अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
हार छिपाने के लिए US कर रहा हमला- ईरान
ईरान ने अमेरिका पर हार छिपाने के लिए हमला करने का आरोप लगाया है. रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल यदोल्लाह जवानी ने दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध में अपनी हार से बचने के लिए सैन्य हमला कर रहा है. जनरल योदोल्लाह के मुताबिक अमेरिका हमला कर होर्मुज स्ट्रेट को पहले वाली स्थिति में लाना चाहता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका कभी भी अपनी योजना में सफल नहीं होगा.
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान अब अपने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के जिम्मेदारों से बदला लेगा. रिपोर्ट के मुताबिक IRGC के कमांडर जवानी ने कहा कि जबतक वो खामेनेई के हत्यारों से बदला नहीं लेते उन्हें चैन की नींद नहीं आएगी.
अमेरिका ने तैनात किया F-35 फाइटर जेट
ईरान के जबरदस्त पलटवार से पस्त अमेरिका इस युद्ध में F-35 को शामिल करने जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया कि अमेरिकी नौ सेना अरब सागर में तैनात USS बॉक्सर पर तैनात F-35B फाइटर जेट्स को उड़ाने की तैयारी कर रहा है.
अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ जारी जंग में F-35 फाइटर जेट का इस्तेमाल करता है तो यह लड़ाई एकतरफा हो जाएगी. F-35 की स्टेल्थ तकनीक और जबरदस्त रफ्तार से अमेरिका ईरान पर कहर बनकर टूट सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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