US Israel Iran Conflict: अमेरिकी सेना ने सोमवार तड़के घोषणा की कि उसने ईरान पर हवाई हमलों का नया दौर शुरू किया है. सेंट्रल कमांड के मुताबिक ये हमले लगातार नौवीं रात भी जारी रहे और इनका मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है. जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमले के लिए किया जाता है.
सैनिक की मौत पर जवाबी कार्रवाई
रविवार को अमेरिका ने ईरान पर और हमले किए और साथ ही एक सैनिक की मौत की पुष्टि की. यह कार्रवाई जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की हत्या के जवाब में की गई थी. ईरान ने भी मिसाइलें दागीं, जिससे संघर्ष पड़ोसी इजराइल तक फैलने का खतरा बढ़ गया.
बुनियादी ढांचे पर निशाना
दोनों देशों के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि हालिया अंतरिम समझौता टूटने के बाद हालात पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. अमेरिका और ईरान दोनों ने आम नागरिकों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे जैसे पुल, बिजली संयंत्र और पानी शुद्धिकरण संयंत्रों को निशाना बनाया है.
जॉर्डन में हुई घटना का असर
अमेरिकी सेना ने बताया कि इराक में एक ईरानी ड्रोन को गिराने के बाद उसे नष्ट करने की प्रक्रिया में एक सैनिक की मौत हो गई. सेना ने कहा कि उसके हमले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड को निशाना बनाने के लिए थे, ताकि जॉर्डन में हुई सैनिकों की हत्या का बदला लिया जा सके. इस घटना के बाद एक सैनिक लापता हो गया था और रविवार को मिले अवशेषों की जांच की जा रही है. अब तक 17 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं.
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इजराइल तक फैलता संघर्ष
गोलाबारी का यह नया दौर दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. अमेरिका ने ईरान में पुलों और बिजली सुविधाओं को निशाना बनाया, जबकि तेहरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए. कुवैत, जॉर्डन और बहरीन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम फिर से सक्रिय कर दिए हैं. इजराइल ने चेतावनी दी है कि जॉर्डन की ओर दागी गई मिसाइलों से उसके इलाके में भी आग फैल सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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