संसद के मानसून सत्र के बीच बुधवार (22 जुलाई) को एक ऐसी राजनीतिक मुलाकात हुई, जिसने सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार और उनकी बेटी व सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. फिलहाल इस बैठक में किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, इस मुलाकात के समय और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
दिलचस्प बात यह है कि प्रधानमंत्री से मुलाकात से ठीक एक दिन पहले ही शरद पवार और सुप्रिया सुले राजधानी के जंतर-मंतर पहुंचे थे. वहां उन्होंने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी. दोनों नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए थे.
Rajya Sabha MP Shri @PawarSpeaks Ji and Lok Sabha MP Smt. @supriya_sule Ji called on PM @narendramodi in Parliament earlier today. pic.twitter.com/DwTspUA0th
— PMO India (@PMOIndia) July 22, 2026
CJP का आंदोलन लगातार जारी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन पिछले कई हफ्तों से जारी है. संगठन का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल है.
इन्हीं मांगों को लेकर संगठन ने संसद के मानसून सत्र से पहले ‘संसद मार्च’ का ऐलान किया था. तय कार्यक्रम के तहत 20 जुलाई को हजारों छात्र और समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच करने के लिए निकले.
संसद मार्च के दौरान पुलिस से हुई झड़प
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी थी. पुलिस का कहना था कि CJP को संसद मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने लगे.
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की. इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े. इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए. घटना के बाद विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की, जबकि पुलिस ने इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया.
ये भी पढ़ें: ‘हमारे पास फालतू समय नहीं…’, CJP प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का अर्जेंट सुनवाई से इनकार, क्या बोले CJI सूर्यकांत?
सोनम वांगचुक का अनशन जारी
इस पूरे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी चर्चा में बने हुए हैं. उन्हें 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस की ओर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने अपना अनशन खत्म नहीं किया है. उनके समर्थकों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर अब भी अडिग हैं और अस्पताल से ही शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं.
उधर, संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार-सुप्रिया सुले की मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा जारी है. चूंकि इस बैठक का एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए अलग-अलग राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


