Parliament Monsoon Session
Parliament Monsoon Session: संसद परिसर में मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार (23 जुलाई) को सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव खुलकर देखने को मिला. दोनों पक्ष प्रदर्शन करते नजर आए. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों चाहते हैं कि सदन में चर्चा हो, लेकिन अभी तक इस बात पर सहमति नहीं बन सकी है कि बहस किस नियम के तहत और कितनी देर तक होगी.
किरेन रिजिजू ने साफ किया मामला
सरकार का कहना है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही दोनों सदनों में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि चर्चा का तरीका और समय बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में तय किया जाएगा. हालांकि, फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे संसद की कार्यवाही सामान्य होने में मुश्किल आ रही है.
#WATCH | Delhi: MPs from both, the NDA and INDIA bloc are protesting in front of each other, at Makar Dwar inside the Parliament premises. pic.twitter.com/QBIOVp7jpv
— ANI (@ANI) July 23, 2026
राहुल गांधी पर लगाए आरोप
इसी बीच संसद परिसर के मकर द्वार पर एनडीए सांसदों ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाला था. इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर निशाना साधा.
प्रियंका ने सरकार पर साधा निशाना
दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि छात्रों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो गया है. उनका कहना था कि सबसे पहले छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ भी कदम उठाने की बात कही. उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों का विश्वास वापस नहीं जीता जाएगा, तब तक किसी भी जांच या समाधान को वे स्वीकार नहीं करेंगे.
ये भी पढ़ें: पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
पीएम मोदी ने क्या कहा?
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों पर सख्त रुख अपनाने का ऐलान किया. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्दी और कड़ी सजा मिल सके. प्रधानमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


