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सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: रद्द हुई जमानत, फिर जाना पड़ेगा जेल

Sonam Raghuvanshi case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी. कोर्ट ने तीन सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश दिया है.

Edited by Sahil Singh

Sonam Raghuvanshi case: बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने उसकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि ट्रायल में अपेक्षित प्रगति नहीं होती है तो सोनम छह महीने बाद दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकती है. यह फैसला मेघालय सरकार की ओर से दायर याचिका पर सुनाया गया.

ट्रायल और जमानत पर कोर्ट की टिप्पणी

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.वी. वराले की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में रिश्तों से जुड़े विवाद बढ़ रहे हैं. अदालत ने टिप्पणी की कि आज की पीढ़ी समस्याओं का तुरंत समाधान चाहती है और दबाव सहने की क्षमता पहले की तुलना में कम होती जा रही है. कोर्ट ने संयुक्त परिवार व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे परिवारों में लोग समझौता करना और निराशा का सामना करना सीखते हैं, जबकि न्यूक्लियर फैमिली में छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ जाता है. अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों को भावनात्मक रूप से समझाने के बजाय उन्हें मोबाइल फोन थमा देना चिंताजनक प्रवृत्ति है.

सुनवाई में क्या दलीलें दी गईं

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सोनम रघुवंशी को जमानत केवल इस आधार पर मिली थी कि गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए थे, जबकि रिकॉर्ड में यह जानकारी उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि धारा का गलत उल्लेख महज टाइपिंग की गलती थी. इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को सलाह दी थी कि वह सरेंडर कर दे और गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद दोबारा जमानत की मांग करे.


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क्या है पूरा मामला

सोनम रघुवंशी ने अपने जवाबी हलफनामे में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उसे झूठा फंसाया गया है और उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है. वहीं अभियोजन पक्ष का आरोप है कि सोनम अपने पति राजा रघुवंशी को हनीमून के बहाने मेघालय के शिलॉन्ग ले गई, जहां उसने अपने कथित प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. इस सनसनीखेज मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी.

-भारत एक्सप्रेस



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