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सड़कों का सुपर-नेटवर्क: मोदी सरकार के ‘डिजिटल प्लान’ से मिली हाई-स्पीड कॉरिडोर्स को नई उड़ान

Modi Government Infrastructure: देश को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस करने के मोदी सरकार के विजन का असर धरातल पर दिखने लगा है. संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में 10,389 किमी लंबाई के नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर आवंटित किए जा चुके हैं, जिनमें से 4,809 किमी का निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है.

PM Modi

PM Modi (AI IMAGE)

Modi Government Infrastructure: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से निर्माण किया जा रहा है. केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल ‘नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर’ और ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ की परियोजनाओं ने देश की रफ्तार को एक नई दिशा दी है. संसद में सरकार द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़े बताते हैं कि देश में आधुनिक सड़कों का जाल बिछाने का काम कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है.

10,389 किमी हाई-स्पीड कॉरिडोर को हरी झंडी (Infrastructure Development India)

मोदी सरकार के तहत देश में 10,389 किलोमीटर नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 4,809 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है और 5,580 किलोमीटर पर काम जारी है. राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी. राजस्थान में सबसे अधिक 1,340 किमी के प्रोजेक्ट्स दिए गए हैं, जबकि पंजाब, यूपी, गुजरात, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए ‘भूमि राशि’ और पर्यावरण मंजूरी के लिए ‘परिवेश’ जैसे डिजिटल पोर्टल लागू किए गए हैं.

मोदी सरकार के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में देश का सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर रीढ़ की हड्डी साबित हो रहा है. संसद में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मोदी सरकार ने देशभर में अब तक 10,389 किलोमीटर लंबाई के ‘नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर’ और ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि सरकार की कुशल नीति और सतत निगरानी के चलते इनमें से 4,809 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा कर जनता को समर्पित किया जा चुका है, जबकि बाकी 5,580 किलोमीटर पर तेजी से काम चल रहा है.

राजस्थान, पंजाब और यूपी में बिछ रहा एक्सप्रेसवे का जाल (Nitin Gadkari Rajya Sabha)

मोदी सरकार ने निर्माणाधीन हाइवे प्रोजेक्ट्स में किसी भी तरह की देरी को रोकने के लिए एक मजबूत और समन्वित व्यवस्था बनाई है. प्रोजेक्ट, राज्य और केंद्र- तीनों स्तरों पर नियमित समीक्षा की जा रही है, जिसमें राज्य सरकारों और अन्य सभी हितधारकों को भी जोड़ा गया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, राज्यों के बीच बिना किसी भेदभाव के इंफ्रास्ट्रक्चर का संतुलन बनाया जा रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में सबसे अधिक 1,340 किमी के प्रोजेक्ट्स दिए गए हैं जिनमें से 1,192 किमी का काम पूरा हो चुका है. इसके अलावा पंजाब (923 किमी), आंध्र प्रदेश (893 किमी), उत्तर प्रदेश (884 किमी), हरियाणा (839 किमी) और गुजरात (764 किमी) में भी हाई-स्पीड नेटवर्क तेजी से आकार ले रहा है.

डिजिटल व्यवस्था से मिली निर्माण को नई रफ्तार (National High Speed Corridor)

परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और लालफीताशाही को खत्म करने के लिए मोदी सरकार ने कई नीतिगत और तकनीकी सुधार किए हैं. भूमि अधिग्रहण को सुगम बनाने के लिए डिजिटल ‘भूमि राशि’ पोर्टल और GIS आधारित प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं, पर्यावरण और वन मंजूरियों में लगने वाले समय को कम करने के लिए ‘परिवेश’ पोर्टल को आधुनिक बनाया गया है. इसके अलावा रेलवे के साथ समन्वय बनाकर रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और अंडर ब्रिज (RUB) की ऑनलाइन स्वीकृति (GAD) की व्यवस्था शुरू की गई है.

सरकार के इन लगातार प्रयासों, नियमित निगरानी और विभिन्न मंत्रालयों व एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का ही नतीजा है कि आज भारत में नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे का निर्माण रिकॉर्ड गति से हो रहा है, जो देश की आर्थिक प्रगति को सीधी रफ्तार दे रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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