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सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त: सरकार की लिखित गारंटी के बाद जारी किया वीडियो, जानिए 3 प्रमुख मांगें

Sonam Wangchuk break hunger strike: सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन खत्म किया. केंद्र सरकार ने 3 प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया. जानिए क्या हैं वे मांगें और बैठक में क्या फैसला हुआ.

Sonam Wangchuk Fast Ends

Sonam Wangchuk break hunger strike: करीब चार हफ्तों तक चले लंबे अनशन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना भूख हड़ताल समाप्त कर दिया. 26 दिनों तक लगातार अनशन पर बैठे वांगचुक ने कहा कि उन्होंने यह फैसला तब लिया, जब केंद्र सरकार की ओर से उनकी प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया गया. उनका कहना था कि केवल मौखिक भरोसे पर अनशन खत्म करना उचित नहीं होता, इसलिए वे लगातार लिखित जवाब की मांग पर अड़े रहे.

देर रात हुई अहम बैठक

अनशन खत्म होने से पहले देर रात एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. रात करीब साढ़े 11 बजे केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह वांगचुक से मिलने पहुंचे. इस बातचीत में लद्दाख की एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. लंबे समय से चल रही चर्चा के बाद सरकार की ओर से लिखित पत्र सौंपा गया, जिसके बाद अनशन समाप्त करने का फैसला लिया गया.

वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी. बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन वे चाहते थे कि हर आश्वासन आधिकारिक रूप से लिखित दस्तावेज में दिया जाए. इसी वजह से निर्णय में थोड़ा समय लगा और उन्हें दो दिन तक अपना अनशन जारी रखना पड़ा. उन्होंने साफ कहा कि अगर लिखित भरोसा नहीं मिलता तो वे आगे भी भूख हड़ताल जारी रखने के लिए तैयार थे.

वीडियो शेयर कर किया आभार

अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने लद्दाख की एपेक्स बॉडी के उन सभी नेताओं का धन्यवाद किया, जो उनका समर्थन करने के लिए लद्दाख से दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने उन सांसदों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनसे मुलाकात की और इस मुद्दे को संसद तक पहुंचाने का भरोसा दिया.

भावुक अंदाज में वांगचुक ने कहा कि 26 दिनों के बाद उन्होंने पहली बार कुछ खाया है. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इतने लंबे समय बाद भोजन का स्वाद बेहद अच्छा लगा, लेकिन भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता. उनका यह बयान वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.

सोनम वांगचुक के अनशन की समाप्ति को फिलहाल एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार अपने लिखित आश्वासनों को किस तरह और कितनी जल्दी अमल में लाती है. साथ ही, परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में होने वाली संभावित चर्चा भी आने वाले दिनों में अहम रहने वाली है.


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सांसदों ने भी की थी अनशन खत्म करने की अपील

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसद भी सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे. सांसदों ने हस्ताक्षर कर उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि संसद में NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा कराई जाएगी. उनका कहना था कि छात्रों से जुड़े इस मामले को गंभीरता से उठाया जाएगा और समाधान निकालने की कोशिश होगी.

सरकार के पत्र में क्या-क्या शामिल है?

सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में तीन अहम बिंदुओं का उल्लेख किया गया है. पहला, जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. दूसरा, संसद में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए चर्चा कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें. तीसरा, NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों में जिन छात्रों की जान गई है, उनके परिवारों को मुआवजा देने के मुद्दे पर सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार करेगी.

-भारत एक्सप्रेस



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